घर के आगे लगा गुलाब का पौधा चूस न ले सारा धन, वास्तु अनुसार जानें क्या हैं इससे जुड़े जरूरी नियम
अगर आपके घर के आगे भी गुलाब का पौधा लगा है तो आपको जान लेना चाहिए कि ऐसा होना वास्तु के अनुसार शुभ है या नहीं, क्यों एक लापरवाही से घर की सुख-शांति और धन का नाश हो सकता है. आइए इस बारे में विस्तार से जानें.
अक्सर ऐसा होता है कि लोग जाने-अनजाने में घर के सामने ही सजावट के लिए गुलाब का पौधा लगा देते हैं. लेकिन ज्यादातर लोगों को ये नहीं पता होता है कि घर के ठीक सामने गुलाब का पौधा होना शुभ होता भी है या नहीं? वास्तु शास्त्र के अनुसार गुलाब के पौधे से जुड़े किन जरूरी नियमों को जानना और उनका पालन करना चाहिए ताकि घर की सुख-शांति, धन-समृद्धि और परिवार के सदस्यों के बीच बेहतर संबंध बने रहें? आइए इस बारे में विस्तार से जानें.
घर के ठीक सामने गुलाब का पौधा होना शुभ या अशुभ?
घर के आगे गुलाब का पौधा होना शुभ नहीं माना जाता है. अगर घर के ठीक आगे गुलाब का पौधा हो तो उसके नकारात्मक प्रभाव घर में विवाद पैदा कर सकता है और रिश्ते में उलझन बढ़ सकती है. धन हानि भी बढ़ सकती है. दरअसल, घर के आगे किसी भी तरह के काटेदार पौधे का होना वास्तु अनुसार अशुभ माना जाता है. इसी तरह गुलाब का पौधा जोकि एक कांटेदार पौधा है, इसके भूलकर भी घर के ठीक सामने न लगाएं.
गुलाब के पौधे के लिए सही दिशा कौन सी है?
गुलाब उगाने या गुलाब के पौधे का गमला रखने के लिए सबसे अच्छी जगह घर की बालकनी है और इसके लिए घर का नैऋत्य कोण भी अति शुभ माना जाता है. नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम की दिशा में ही गुलाब के पौधे को रखें. इस दिशा में गुलाब के पौधे को रखने से घर के मालिक का दबदबा और सम्मान समाज में बढ़ता है. पारिवारिक संबंध पहले से बेहतर होते हैं.
गुलाब के पौधे से जुड़ा वास्तु नियम?
गुलाब के पौधे की साफ-सफाई
पौधे पर सूखे या मुरझाए हुए फूल न हों और न ही पीली पत्तियां हों, इसका ध्यान रखें. समय-समय पर पौधे को साफ रखें. तभी इस पौधे की सकारात्मक ऊर्जा का घर में फैलाव हो सकता है.
बेडरूम में गुलाब का पौधा
लव लाइफ को और बेहतर करना है तो बेडरूम में कांच के बर्तन में पानी डालकर गुलाब का पौधा लगाएं और नियमित रूप से पानी बदलते रहें. इससे वैवाहिक जीवन भी प्रेम से भरा रहता है.
काला गुलाब
वास्तु के अनुसार घर में भूलकर भी काले रंग का गुलाब न लगाना. इस बात का पूरा ध्यान रखें कि ऐसे पौधे से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार बहुत तेजी से होता है.
(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक वास्तु एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)