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Govardhan Puja 2026: इस साल कब मनाया जाएगा गोवर्धन पूजा पर्व? जानें सही डेट और शुभ मुहूर्त

गोवर्धन पूजा 2026 कब है: दीपावली के अगले ही दिन गोवर्धन पूजा की जाती है. आइए जानें इस साल गोवर्धन पूजा पर्व कब मनाया जाएगा और गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है. इस पर्व पर भगवान कृष्ण और गोवर्धन पूजा करने के लिए सही शुभ मुहूर्त क्या है.

Written By Padma Shree Shubham
Published: Oct 29, 2026, 08:30 PM IST | Updated: Oct 29, 2026, 08:33 PM IST
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Govardhan Puja 2026: धार्मिक दृष्टिकोण से कार्तिक माह का बड़ा महत्व है. यह माह व्रत-त्योहार से गुलजार होता है. इसी माह में भगवान कृष्ण और गोवर्धन जी को समर्पित एक पर्व आता है जिसका नाम है गोवर्धन पूजा. गोवर्धन पूजा पर्व प्रकृति और गौ सेवा से संबंधित है. दीपावली के अगले दिन ही इस पर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाने का विधान है. इसे अन्नकूट पूजा भी कहते हैं. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को सात्विक व्यंजनों का भोग चढ़ाया जाता है और महिलाएं इकट्ठा होकर गोवर्धन पर्वत की गोबर से आकृति बनाती हैं. इसके बाद इस आकृति की परिक्रमा करती है. यह पर्व हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली प्रतिपदा तिथि पर मनाया जाता है. आइए जानते हैं साल 2026 में गोवर्धन पूजा पर्व कब है और इस दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त क्या है.

गोवर्धन पूजा 2026 कब है?

कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि की शुरुआत इस साल 9 नवंबर को दोपहर के 12:31 बजे से होगी और 10 नवंबर को दोपहर के 02:00 बजे तिथि का समापन होगा. गोवर्धन पूजा का दिन उदया तिथि से तय होता है. इस तरह गोवर्धन पूजा का पर्व 10 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा.

गोवर्धन पूजा 2026 का शुभ मुहूर्त

10 नवंबर 2026 को गोवर्धन पूजा सुबह के समय की जाएगी जिसके लिए मुहूर्त सुबह 6:40 बजे से लेकर सुबह 8:50 बजे तक होगा. भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन जी इस समय उपासना की जाएगी. जगह के अनुसार सूर्योदय के समय को देखते हुए पूजा के मुहूर्त को तय करना सही होगा.

गोवर्धन पूजा का महत्व?

गोवर्धन पूजा मनाने का विधान पुराना है. इस पर्व पर भगवान श्रीकृष्ण की उस लीला का स्मरण किया जाता है जब ब्रजवासियों को इंद्र देव की पूजा करने के स्थान पर गोवर्धन पर्वत और प्रकृति की पूजा कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भगवान श्रीकृष्ण ने संदेश दिया था. धार्मिक मान्यतानुसार गोवर्धन पर्वत ब्रजवासियों के लिए बहुत महत्व रखता था. लोगों को प्रकृति, पर्वत, अन्न व गौवंश के महत्व समझाते हुए भगवान से अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्व को उठाया था.

(डिस्क्लेमर- यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)

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About the Author

पद्मा श्री शुभम् को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव. मॉस कम्‍युनिकेशन ग्रेजुएट और हिंदी लिटरेचर से पोस्‍ट ग्रेजुएट. मीडिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म से करियर शुरू करने के बाद कई संस्थाओं में काम किया. Nedrick News, TFI Post जैसी संस्थाओं में कार्यरत रहीं. इसके बाद Zee News जॉइन किया. समाचार और वर्तमान घटनाओं पर लिखने पढ़ने में रुचि. धर्म और ज्योतिष में अधिक रुचि. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष संबंधी लेख लिखने में कार्यरत. पद्मा से आप padma.shubham@India.com मेल के जरिए सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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