SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

दिवाली की रात जुआ खेलना शगुन क्यों है? शिव की हार और पार्वती की जीत से शुरू हुई थी ये परंपरा

Diwali 2026 हर साल दिवाली के दिन पूजा के बाद लोग ताश खेलने की परंपरा को निभाते हैं. यह परंपरा आज का नहीं है बल्कि पुराने समय से ही चौपड़ के रूप में इस खेल को खेला जाता रहा है. आइए जानें इससे जुड़ी पौराणिक कथा क्या है.

Written By Padma Shree Shubham
Published: Nov 05, 2026, 10:43 PM IST | Updated: Nov 05, 2026, 10:48 PM IST
Join

Diwali 2026: दीपावली का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. इस पर्व पर घर-घर में देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की उपासना की जाती है. इसके अलावा कुछ घरों में ताश खेलने की परंपरा को भी निभाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि दिवाली के मौके पर चौपड़ या आज के समय के अनुसार ताश खेलने से मां लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है. कई घरों में दिवाली के मौके पर जुआ खेलने की भी परंपरा है. जिसे लेकर मान्यता है कि इसे खेलने से भाग्य खुलता है और पूरे साल कोई भी आर्थिक संकट नहीं आता है. इस साल दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी. आइए इससे जुड़ी धार्मिक मान्यता और परंपरा के बारे में जानें.

भगवान शिव और देवी पार्वती में चौपड़ का खेल

छुआ खेलने से जुड़ी पौराणिक कथा है कि एक बार भगवान शिव और देवी पार्वती ने चौपड़ खेलना शुरू किया. पासों का खेल रोमांचक था जिसमें भगवान शिव लगातार हारते जा रहे थे और देवी पार्वती जीत रही थी. इतना ही नहीं उन्होंने अपनी सारी संपत्ति हार दी. शिव जी अपना अर्धचंद्र, सर्प, त्रिशूल सब हार गए और अंत में नंदी को भी हार बैठे. अलग-अलग जगहों पर कथा के अलग-अलग संस्करण मिलते हैं. धार्मिक मान्यता है कि मां पार्वती ने दिवाली की रात को जुआ खेलते हुए शिव जी से जब जीत गई तो गदगद होकर माता ने घोषणा की कि दिवाली की पूरी रात जो भी चौपड़ खेलेगा उसे पूरे साल मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी.

दिवाली पर ताश खेलने की परंपरा

हालांकि, मूल रूप से चौपड़ खेलने की परंपरा है लेकिन आजकल ताश के पत्तों से यह खेल खेला जाता है. पीढ़ियों से दिवाली पर्व पर सौभाग्य प्राप्ति के लिए कई घरों में तीन पत्ती, रमी और ऐसे ही कई कार्ड के खेल खेले जाते हैं. हालांकि, चौपड़ खेलना पूरी तरह से जरूरी नहीं है. ध्यान रहे कि पौराणिक कथाओं में जुए को दिवाली का अनिवार्य हिस्सा नहीं कहा गया है.

समाज के लिए जुआ हानिकारक

ध्यान दें, भले ही लोग दिवाली की रात पत्ते खेलें लेकिन जुआ लोभ से जन्मी एक ऐसी कुरीति है जिससे व्यक्ति बर्बाद हो सकता है. यह खेल सामाज के लिए घातक है जिसे खेलने के लिए हमेशा मना किया जाता है. हम जुआ खेलने को कतई प्रोत्साहित नहीं करते हैं. यह खेल पूरी तरह से हानिकारक सिद्ध हो सकता है.

(डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और लोक परंपराओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है. किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार निर्णय लें. हम किसी चमत्कारिक लाभ का दावा नहीं करते.)

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

पद्मा श्री शुभम् को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव. मॉस कम्‍युनिकेशन ग्रेजुएट और हिंदी लिटरेचर से पोस्‍ट ग्रेजुएट. मीडिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म से करियर शुरू करने के बाद कई संस्थाओं में काम किया. Nedrick News, TFI Post जैसी संस्थाओं में कार्यरत रहीं. इसके बाद Zee News जॉइन किया. समाचार और वर्तमान घटनाओं पर लिखने पढ़ने में रुचि. धर्म और ज्योतिष में अधिक रुचि. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष संबंधी लेख लिखने में कार्यरत. पद्मा से आप padma.shubham@India.com मेल के जरिए सीधे संपर्क कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES