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हिंदू धर्म में धनतेरस पर्व का बड़ा महत्व है. यह पर्व दीपावली से पहले आता है. इस दिन घर की साफ-सफाई की जाती है और फिर शाम के समय विधि-विधान से भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, कुबेर देव और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भी व्यक्ति अपने घर में धनतेरस के दिन पूजा करता है उसके घर में सुख-समृद्धि आती है और धन की आवक बढ़ती है. धनतेरस की पूजा में किसी भी तरह की कमी न रह जाए इसके लिए जरूरी है कि इस दिन के लिए सभी पूजन सामग्री जुटा ली जाएं. आइए जानें धनतेरस पूजा के लिए किन सामग्री का होना जरूरी है.
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर 2026 को सुबह के समय 09 बजकर 30 मिनट पर शुरू होकर 7 नवंबर 2026 को सुबह के 11 बजकर 45 मिनट पर खत्म होगी. इस तरह उदयातिथि में धनतेरस पर्व 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को है. ध्यान दें, धनतेरस पूजा का मुहूर्त शाम 6 बजकर 19 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 17 मिनट तक होगा. प्रदोष काल का समय शाम 5 बजकर 49 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 23 मिनट तक होगा.
धनतेरस पर मुख्य रूप से भगवान धन्वंतरि, धन के देवता कुबेर देव और माता लक्ष्मी की उपासना की जाती है. ऐसे में इस दिन की सामग्री इन्हीं देवी-देवता से जुड़ी सामग्री घर लेकर आएं. आइए धनतेरस पूजा की सामग्री लिस्ट पर एक नजर डालें.
बैठे हुए मुद्रा में लक्ष्मी-गणेश जी की अलग-अलग प्रतिमा.
कुबेर देव की प्रतिमा या चित्र.
प्रतिमा स्थापना के लिए लकड़ी की चौकी और लाल या पीला वस्त्र.
पवित्र जल, गंगाजल, पूजा का कलश.
तिलक के लिए रोली, कुमकुम
अर्पित करने के लिए अक्षत
हाथ में बांधने के लिए मौली या कलावा.
घी के 5 या 11 दीये, तेल का दीया
रुई की बत्ती, शुद्ध घी
धूप, अगरबत्ती, कपूर.
सोना-चांदी के सिक्के, झाड़ू, धनिया के बीज खरीदकर लाएं
11-11 की संख्या में कौड़ी, बताशे और गोमती चक्र
कुछ नए नोट
शक्कर या गुड़, लड्डू, बर्फी और सफेद मिठाई का भोग
फल में केले और सेब
ताजे फूल और पूजा की थाली
(डिस्क्लेमर -यह लेख सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. पंचांग, तिथि और शुभ मुहूर्त में स्थानीय समय व पंचांग भेद से अंतर संभव है. किसी भी पूजा या खरीदारी से पहले अपने विद्वान पंडित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें.)