)
यौन उत्पीड़न के मामलों में दोषी ठहराए गए आसाराम ने पैरोल पूरी होने के बाद बुधवार सुबह जोधपुर जेल में सरेंडर कर दिया. उन्हें पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद जेल लौटना था, लेकिन वे मंगलवार रात को सरेंडर करने नहीं पहुंचे. इसके बाद रातानाडा थाने में उनके खिलाफ पैरोल नियमों की अवहेलना का मुकदमा दर्ज किया गया. सुबह आसाराम निजी अस्पताल से एंबुलेंस में जेल पहुंचे. इस दौरान जेल के बाहर उनके समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा.
रात में नहीं पहुंचे जेल, सुबह किया सरेंडर
आसाराम की पैरोल मंगलवार को पूरी हो गई थी. इसके बाद उन्हें जेल में सरेंडर करना था, लेकिन रात में उनके जेल नहीं पहुंचने की बात सामने आई. इस मामले में रातानाडा थाने में उनके खिलाफ पैरोल नियमों की अवहेलना का मुकदमा दर्ज किया गया.
इसके बाद बुधवार सुबह आसाराम ने जोधपुर जेल में सरेंडर कर दिया. वे निजी अस्पताल से एंबुलेंस के जरिए जेल पहुंचे. जेल के बाहर समर्थक जमा रहे. पैरोल पूरी होने के बाद रात में सरेंडर नहीं करने और फिर सुबह जेल पहुंचने का घटनाक्रम चर्चा में रहा.
निजी अस्पताल से एंबुलेंस में पहुंचे आसाराम
आसाराम को निजी अस्पताल से एंबुलेंस में जोधपुर जेल लाया गया. जेल पहुंचने के बाद उन्होंने सरेंडर किया. इस दौरान जेल के बाहर उनके समर्थकों की भीड़ मौजूद रही. रात में जेल नहीं पहुंचने के मामले में उनके खिलाफ पहले ही रातानाडा थाने में मुकदमा दर्ज किया जा चुका था.
दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराए गए आसाराम
आसाराम को राजस्थान और गुजरात में दर्ज यौन उत्पीड़न के दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया है. राजस्थान का मामला जोधपुर स्थित उनके आश्रम में एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न से जुड़ा है. वहीं, गुजरात का मामला वहां स्थित उनके आश्रम में एक महिला अनुयायी के साथ दुष्कर्म से संबंधित है.
जोधपुर के मामले में आरोप था कि आसाराम ने वर्ष 2013 में अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न किया. पीड़िता छात्रा थी और आश्रम से जुड़ी अनुयायी थी. इस मामले में पुलिस ने जांच की थी और अगस्त 2013 में आसाराम को गिरफ्तार किया गया था.
पैरोल पूरी होने के बाद जेल लौटने का मामला
आसाराम के मामले में पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद जेल में सरेंडर करने का घटनाक्रम सामने आया है. मंगलवार रात को उनके जेल नहीं पहुंचने पर रातानाडा थाने में पैरोल नियमों की अवहेलना का मुकदमा दर्ज हुआ. इसके बाद बुधवार सुबह वे निजी अस्पताल से एंबुलेंस में जोधपुर जेल पहुंचे और सरेंडर किया. इस दौरान जेल के बाहर समर्थकों की मौजूदगी रही.