करवा चौथ पर सास ने बहू को दिया अनोखा तोहफा: सरपंच बनते ही सवा बीघा जमीन किया दान, जानें पूरा मामला
भीलवाड़ा में कोटड़ी क्षेत्र के अखेपुर गांव में 85 वर्षीय रामप्यारी देवी ने करवा चौथ पर अनूठी मिसाल पेश की. उनकी बहू रतनदेवी भवानी जाट के ग्राम पंचायत अखेपुर की सरपंच बनने के बाद उन्होंने पंचायत भवन के निर्माण के लिए सवा बीघा जमीन पंचायत के नाम दान कर दी.
राजस्थान के भीलवाड़ा के कोटड़ी से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो रिश्तों की मिठास और समाजसेवा की अनूठी मिसाल पेश करती है. करवा चौथ पर एक सास ने अपनी बहू को ऐसा तोहफा दिया, जिसकी चर्चा पूरे गांव में हो रही है. बहू रतनदेवी भवानी जाट ग्राम पंचायत अखेपुर की सरपंच बनीं, तो 85 वर्षीय सास रामप्यारी देवी ने पंचायत भवन बनाने के लिए करीब 20 लाख रुपए कीमत की सवा बीघा जमीन पंचायत के नाम दान कर दी. करवा चौथ के दिन जमीन की रजिस्ट्री करवाकर उन्होंने गांव को विकास का अनमोल उपहार दिया.
नवगठित ग्राम पंचायत के लिए सवा बीघा जमीन दान
भीलवाड़ा जिले की कोटड़ी तहसील के अखेपुर गांव में नवनिर्वाचित सरपंच रतनदेवी भवानी जाट के परिवार ने गांव के विकास के लिए अनूठी मिसाल पेश की है. नवगठित ग्राम पंचायत के पास अपना भवन बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं थी. ऐसे में परिवार ने गांव की जरूरत को प्राथमिकता देते हुए अपनी खातेदारी भूमि पंचायत को देने का फैसला किया. परिवार की मुखिया 85 वर्षीय रामप्यारी देवी ने करीब सवा बीघा यानी 0.18 हेक्टेयर जमीन ग्राम पंचायत के नाम दान कर दी. इस भूमि की बाजार कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई जा रही है.
करवा चौथ के अवसर पर रामप्यारी देवी अपने पुत्र भवानी जाट और दो गवाहों के साथ कोटड़ी तहसील कार्यालय पहुंचीं. तहसीलदार रमेशचंद्र मीणा के समक्ष ग्राम पंचायत अखेपुर के नाम जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई. इस तरह करवा चौथ पर बहू को सरपंच बनने के बाद सास ने गांव के विकास के रूप में अनोखा तोहफा दिया. नवगठित ग्राम पंचायत अखेपुर में पंचायत भवन के लिए भूमि उपलब्ध नहीं थी. अब पंचायत के नाम जमीन की रजिस्ट्री होने से भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है.
सरपंच के परिवार की ग्रामीण कर रहे सराहना
भूमि हस्तांतरण के बाद अब पंचायत भवन निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा. सरपंच के परिवार की इस पहल की ग्रामीण सराहना कर रहे हैं. परिवार का यह कदम गांव में सामाजिक सहभागिता और सेवा भावना की प्रेरणादायक मिसाल बन गया है. करवा चौथ पर जहां सुहाग की लंबी उम्र की कामना की जाती है. वहीं अखेपुर में एक सास ने अपनी बहू को सरपंच बनने पर गांव के विकास का अनमोल तोहफा दिया. 85 वर्षीय रामप्यारी देवी ने अपनी जमीन पंचायत को दान कर यह संदेश दिया कि गांव का विकास केवल सरकारी बजट से नहीं, बल्कि समाज के सहयोग और समर्पण से भी संभव है.
चौथ माता मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम
भीलवाड़ा जिले के रायला कस्बे के चौथ माता मंदिर प्रांगण में करवा चौथ के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला. पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना लेकर सुबह से ही महिलाओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. देखते ही देखते मंदिर परिसर में महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा क्षेत्र धार्मिक माहौल से सराबोर हो गया.
करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं ने चौथ मातेश्वरी के दर्शन कर माला, धूप और दीप अर्पित किए तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु और परिवार में सुख-शांति बनाए रखने की कामना की. परंपरा के अनुसार, कई महिलाएं निर्जला व्रत रखकर इस पर्व को पूरी श्रद्धा के साथ मनाती हैं.
रायला सहित आसपास के 100 से अधिक गांवों से महिलाएं करवा चौथ की पूजा करने चौथ माता मंदिर पहुंचीं. कोई ट्रैक्टर में, कोई निजी वाहन, बस तो कोई मोटरसाइकिल से मंदिर पहुंची. सुबह से लेकर दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही. महिलाओं ने चौथ मातेश्वरी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की प्रार्थना की.
मेला मैदान में भी रही चहल-पहल
करवा चौथ के अवसर पर मंदिर परिसर के साथ मेला मैदान में भी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही. श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक उत्साह से पूरे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल बना रहा. महिलाओं की आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाज और चौथ माता के प्रति श्रद्धा ने पर्व की रौनक बढ़ा दी. मेले में सुरक्षा के लिए रायला थाना से महिला कांस्टेबल तैनात है. इसी को देखते हुए कस्बे में मिठाइयों की दुकान पर प्रसाद की दुकान पर भीड़ नजर आ रही है और रायला बापू नगर चौराहा पर रोड पर भीड़ होने से ट्रैफिक लगा हुआ है. सुरक्षा की दृष्टि से रायला थाना का जप्त तैनात है.
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सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाडा की पहाड़ियों पर करिब एक हजार फिट की उंचाई पर विराजमान चौथ माता जन-जन की आस्था का केन्द्र है और यहां आने वाले श्रद्धालु मॉ अम्बे के इस रूप को चौथ माता के रूप में पुजते हैं. माता के दर्शन के लिए प्रदेश से ही नहीं, बल्की देश के अन्य राज्यों से भी वर्ष भर लाखों की तादात में श्रद्धालु यहां आते हैं. यहां आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि चौथ माता भक्तों की हर मुराद पुरी करती हैं कोई भी भक्त माता के दरबार से खाली हाथ नहीं लोटता, माता सबकी झोली भरती है.
कोई संतान प्राप्ती, तो कोई सुख समृद्धि की कामना लेकर माता के दरबार में आता है और माता सबकी पुकार सुनती हैं. विशेष कर महिलाओं में चौथ माता को लेकर खासी आस्था है. महिलाओं का मानना है कि चौथ माता उनके सुहाग की रक्षा करती हैं. यहां आने वाली महिला श्रद्धालु माता से अपने पति की लम्बी उम्र की कामना करती हैं. हिन्दी महिनों की हर चौथ और विशेष कर आज करवा चौथ को महिलाऐं अपने पति की लम्बी उम्र के लिये माता का उपवास रखती है. दिन भर व्रत रखने के बाद महिलाएं शाम को चांद देखकर और माता के अर्क देकर अपने पति का चेहरा देखती है और पति की सुरत में माता के रुप को देखकर ही व्रत खोलती हैं.
सालभर यंहा माता के दरबार में भक्तों को ताता लगा रहता है. आज करवा चौथ के दौरान होने वाले धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व माना जाता है. पहाड़ी की तलहटी में चौथ माता सरोवर बना हुआ है. यहां आने वाले श्रद्धालु सरोवर की पाल पर चढ़कर लबालब भरे तालाब के समीप उचें सुरम्य पहाड़ पर माता के भव्य दरबार को देखकर अभिभुत हो जाते हैं, जो भी भक्त एक बार माता के दरबार में धोक लगाने आता है वो यहां का सुन्दर और मनमोहक दृस्य देखकर बार-बार माता के दरबार में आना चाहता है. आज करवा चौथ के अवसर पर चौथ माता के दरबार मे श्रद्धा का सैलाब उमड़ा, बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाओं ने जहां माता चौथ भवानी के दर्शन कर अपने पति की लंबी उम्र और घर मे सुख शांति की कामना की. वहीं कंवरी कन्याओं ने अच्छे वर की कामना की.