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बालमुकुंद आचार्य ने राम मंदिर का ज़िक्र करते हुए कहा कि जब राम मंदिर का उद्घाटन हुआ, दुनिया भर में पूजा हुई, पुष्प वर्षा हुई, लेकिन कांग्रेस के लोग काले कपड़े पहनकर विरोध कर रहे थे. ये वही कांग्रेस है, जो आतंकवादियों के पक्ष में खड़ी होती है.ये वही कांग्रेस है, जो आधी रात आतंकवादियों की जमानत के लिए वकील खड़े करती है. कांग्रेस ने राम भक्तों पर गोलियां और लाठियां चलवाई थीं. बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि कांग्रेस राम और सनातन विरोधी है. कांग्रेस देश विरोधी है. कांग्रेस टुकड़ा-टुकड़ा हो गई है, अब देश को टुकड़ा-टुकड़ा करने का काम कर रही है.
एक्टर नसीरुद्दीन शाह के बयान पर विधायक बालमुकुंद आचार्य का बड़ा बयान
नसीरुद्दीन शाह ने खुद को दिमागी नक्सल बताया था. इस मामले को लेकर विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा, भांड देश का खा रहे हैं. मैं आज से ही बहिष्कार करता हूं. देश की जनता से अपील करता हूं कि ऐसे फिल्म एक्टर्स का बहिष्कार करना चाहिए, जो देश विरोधी ताकतों के साथ हैं. ऐसे लोगों का विरोध करना चाहिए, जो अराजकता फैलाने का काम करते हैं. देश विरोधी बातें और देश विरोधी काम करने वालों का बहिष्कार करना चाहिए. देश का खाकर देश के खिलाफ बोलते हैं. देश के युवाओं को समझना चाहिए, लेकिन वो माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं. मैं ऐसे लोगों को उस मंच पर नहीं देखना चाहूंगा, जहां उनका सम्मान हो.
IAS शिखर अग्रवाल मामले पर PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर लगाए आरोप
डोटासरा के आरोपों पर विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि किसी ने कुछ गलत किया है तो जांच होगी. किसी ने गलत किया है, तो वो भुगतेगा. कांग्रेस ने जो घोटाले किए, कांग्रेस को उनका जवाब देना चाहिए. कांग्रेस झूठ की राजनीति करती है. सरकार के ऊपर आरोप नहीं है, व्यक्ति विशेष के ऊपर है. आने वाले समय में दूध का दूध, पानी का पानी होगा. संपत्ति खरीदने का अधिकार है, लेकिन खरीदने का तरीका क्या है, उसकी जांच हो जाएगी. हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है.
प्रसिद्ध अभिनेता नसीरुद्दीन शाह देश की राजनीति, समाज और सरकार के फैसलों पर कई बार खुलकर अपनी राय रख चुके हैं. उनके बयानों को लेकर अक्सर विवाद भी हुए हैं. उनके कुछ प्रमुख और चर्चित राजनीतिक बयानों की जानकारी इस तरह है:
दिसंबर 2018: भीड़ की हिंसा और देश के माहौल पर बयान
दिसंबर 2018 में एक इंटरव्यू के दौरान नसीरुद्दीन शाह ने देश में बढ़ती भीड़ की हिंसा और लोगों के बीच बढ़ती असहिष्णुता पर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि लोग कानून अपने हाथ में ले रहे हैं. कई जगहों पर गाय की मौत को पुलिसकर्मी की जान से भी ज्यादा अहम माना जा रहा है. उनके इस बयान के बाद काफी विरोध हुआ था.
दिसंबर 2021: मुगलों के योगदान पर राय
दिसंबर 2021 में एक इंटरव्यू में नसीरुद्दीन शाह ने मुगलों को लेकर अपनी बात रखी थी. उन्होंने कहा था कि मुगलों को हमलावर या विदेशी बताकर इतिहास को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. उनके मुताबिक, मुगल भारत को अपना घर बनाने आए थे. उन्होंने यहां कला, संस्कृति, नृत्य, संगीत और कई ऐतिहासिक इमारतों को बढ़ावा दिया. उनके इस बयान की भी काफी आलोचना हुई थी.
मार्च 2023: CAA-NRC और नागरिकता का मुद्दा
मार्च 2023 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर चर्चा के बीच नसीरुद्दीन शाह ने नागरिकता से जुड़ा सवाल उठाया था. उन्होंने पूछा था कि भारत में 70 साल तक रहने के बाद क्या उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए प्रमाण पत्र दिखाने की जरूरत पड़ेगी.
जुलाई 2026: छात्र आंदोलन और नेतृत्व पर टिप्पणी
जुलाई 2026 में जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान नसीरुद्दीन शाह ने शिक्षा और सरकार चलाने के तरीके पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि अज्ञानी नेतृत्व चाहता है कि पूरा देश भी उसी की तरह अयोग्य और दूसरों के प्रति असंवेदनशील बन जाए. उनके इस बयान को लेकर भी चर्चा हुई थी.
फरवरी 2026: देश के बदलते माहौल पर बयान
फरवरी 2026 में नसीरुद्दीन शाह ने जॉर्ज ऑरवेल के उपन्यास '1984' का जिक्र करते हुए देश के माहौल पर अपनी चिंता जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि यह वह देश नहीं है, जिसमें वे बड़े हुए थे. उन्होंने हर तरफ निगरानी और नफरत का माहौल होने की बात भी कही थी.
अक्टूबर 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव और 'दिमागी नक्सल' बयान
अक्टूबर 2026 में नसीरुद्दीन शाह ने एक वीडियो जारी कर पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अपने विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया था. इसके बाद उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्रों का समर्थन किया. इसी दौरान उन्होंने खुद को गर्व से 'दिमागी नक्सल' यानी वैचारिक रूप से नक्सल कहने की बात कही. उनके इस बयान पर केंद्र सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.