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दौसा में मेरबान हुआ मौसम: बारिश से भीगा प्रदेश, धड़ाम से गिरा तापमान

राजस्थान के दौसा जिले में मौसम ने अचानक करवट ली और हल्की बारिश शुरू हो गई. बारिश से सरसों की फसल को पानी मिला है, जबकि गेहूं, जौ और चने की बुवाई में मदद मिलेगी. किसानों को डीजल और बिजली की बचत की भी उम्मीद है.

Written By Zee Rajasthan Web Team
Published: Oct 29, 2026, 10:38 AM IST | Updated: Oct 29, 2026, 10:41 AM IST
Image Credit: Dausa Weather
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राजस्थान के दौसा जिले में मौसम ने अचानक करवट ली है. जिलेभर में हल्की बारिश का दौर शुरू होने से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. बारिश के बाद लोगों को हल्की सर्दी का एहसास होने लगा है. वहीं, इस बारिश को खेती के लिहाज से राहत भरा माना जा रहा है. रबी की फसल की तैयारी कर रहे किसानों के लिए बारिश अच्छी खबर लेकर आई है. किसानों का मानना है कि इस समय होने वाली बारिश से फसलों को फायदा मिल सकता है और पैदावार भी अच्छी हो सकती है.

सरसों की फसल को मिला पानी
दौसा जिले में हुई हल्की बारिश से सरसों की फसल को पानी मिला है. ऐसे में किसानों को उम्मीद है कि बारिश से फसल को फायदा होगा. रबी की फसलों के लिए यह समय काफी अहम माना जा रहा है. बारिश होने से खेतों में नमी बनी रहने की उम्मीद है, जिससे खेती के काम में मदद मिल सकती है. किसानों का कहना है कि बारिश का पानी फसलों के लिए फायदेमंद होता है. इससे फसल की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद रहती है. ऐसे में जिले में हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं.

गेहूं, जौ और चने की बुवाई में मिलेगी मदद
बारिश से सरसों की फसल को पानी मिलने के साथ ही गेहूं, जौ और चने की बुवाई करने वाले किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है. किसानों का मानना है कि बारिश के बाद खेतों में नमी बढ़ेगी, जिससे इन फसलों की बुवाई में मदद मिल सकती है. रबी की फसल की तैयारी में जुटे किसानों के लिए बारिश राहत लेकर आई है. इस समय बारिश होने से खेतों में नमी का फायदा मिल सकता है. ऐसे में किसान इसे खेती के लिए अनुकूल मान रहे हैं.

बारिश से डीजल और बिजली की बचत की उम्मीद
किसानों का कहना है कि बारिश के पानी से फसलों की उपज अच्छी होती है. इसके साथ ही सिंचाई के लिए डीजल और बिजली पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है. खेतों में फसलों को पानी देने के लिए किसानों को सिंचाई के साधनों का इस्तेमाल करना पड़ता है. ऐसे में बारिश होने से सिंचाई की जरूरत कम होने की उम्मीद है. इससे किसानों को खेती की लागत में राहत मिल सकती है. यही वजह है कि दौसा जिले में हुई बारिश को किसान रबी की फसल के लिए फायदेमंद मान रहे हैं.

पंचायत चुनाव के प्रचार पर भी पड़ा असर
दौसा जिले में बारिश का असर पंचायत चुनाव के प्रचार पर भी देखने को मिल रहा है. पंचायत चुनाव में किस्मत आजमा रहे प्रत्याशी इन दिनों मतदाताओं से संपर्क करने में जुटे हैं. कई प्रत्याशी पैदल घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात कर रहे थे और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे थे. लेकिन बारिश शुरू होने से उनके प्रचार अभियान पर कुछ समय के लिए ब्रेक लग गया है. बारिश के कारण घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करने में परेशानी आ रही है.

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किसानों को राहत, प्रचार की रफ्तार हुई धीमी
दौसा जिले में अचानक बदले मौसम का असर खेती और चुनाव प्रचार, दोनों पर देखने को मिल रहा है. एक ओर हल्की बारिश से किसानों को रबी की फसलों के लिए फायदा मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर पंचायत चुनाव में प्रचार कर रहे प्रत्याशियों की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं. किसानों को उम्मीद है कि बारिश से सरसों की फसल को फायदा मिलेगा और गेहूं, जौ व चने की बुवाई में मदद मिलेगी. साथ ही सिंचाई के लिए डीजल और बिजली की बचत भी हो सकती है. फिलहाल, जिले में हुई हल्की बारिश ने किसानों को राहत दी है, जबकि प्रत्याशियों को अपने प्रचार अभियान में कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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