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पति को खोने का गम, बिछड़ने का दर्द: कठिन समय में भी पत्नी ने पेश की मिशाल, करवा चौथ पर पूरी की पति की अंतिम इच्छा

कटनी में करवा चौथ के अवसर पर एक पत्नी ने अपने पति की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए उनके अंग दान करने का फैसला किया. उनके बेटों, कुमकुम और यश ताम्रकार ने भी इस भावुक कर देने वाले फैसले का पूरा समर्थन किया.

Written By Ranjana Kahar
Published: Oct 29, 2026, 06:13 PM IST | Updated: Oct 29, 2026, 06:16 PM IST
Image Credit: पत्नी ने करवा चौथ पर पूरी की पति की अंतिम इच्छा
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करवा चौथ के दिन कटनी से मानवता और प्रेम की एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने सभी की आंखों में आंसू ला दिए. जिस दिन विवाहित महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं, रीति-रिवाज निभाती हैं और प्रार्थनाएं करती हैं, उसी दिन कटनी की तृप्ति ताम्रकार ने अपने दिवंगत पति सुनील कुमार ताम्रकार की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए अंगदान (ऑर्गन डोनेशन) के लिए सहमति दी. तृप्ति का यह फैसला साबित करता है कि मृत्यु ही अंत नहीं है. किसी व्यक्ति के गुजर जाने के बाद भी उनके अंग दूसरों को एक नया जीवन दे सकते हैं. उनके इस त्याग ने पूरे समाज के लिए एक मिसाल कायम की है.

करवा चौथ पर पत्नी ने पूरी की पति की अंतिम इच्छा

अपने पति को खोने के दुख और उनसे बिछड़ने की पीड़ा के बावजूद तृप्ति ताम्रकार ने इस कठिन समय में बहुत साहस और मानवता का परिचय दिया. अपने दिवंगत पति सुनील कुमार ताम्रकार की अंतिम इच्छा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने उनके अंग दान करने का निर्णय लिया. खास बात ये है कि उनके बेटों, कुमकुम ताम्रकार और यश ताम्रकार ने भी इस भावुक और प्रेरणादायक फैसले का समर्थन किया और अपनी सहमति दी. तृप्ति ताम्रकार का यह कदम केवल एक परिवार का निर्णय नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है.

मानवता की मिसाल

अंगदान जरूरतमंद लोगों को एक नया जीवन पाने की उम्मीद देता है. किसी अपने को खोने के असहनीय दुख के बीच लिया गया यह निर्णय त्याग, सेवा और परोपकार की भावना को दर्शाता है. स्वर्गीय सुनील कुमार ताम्रकार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दिए जाने की जानकारी दी गई है. उनका अंतिम संस्कार 29 अक्टूबर, 2026 को कटनी के मुक्तिधाम (श्मशान घाट) में संपन्न हुआ. अंग दान के जरिए उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करके यह कार्य दूसरों के लिए मानवता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है.

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पूरे समाज के लिए गहरा संदेश

तृप्ति ताम्रकार का यह निर्णय केवल एक व्यक्तिगत या पारिवारिक चुनाव नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक गहरा संदेश देता है. अंगदान के माध्यम से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कई जरूरतमंद मरीजों के लिए एक नए जीवन की उम्मीद जागती है. अत्यंत दुख और कठिन परिस्थितियों के बीच लिया गया यह फैसला त्याग, सेवा और परोपकार की पराकाष्ठा को दर्शाता है, जो दूसरों के जीवन में एक नई राह दिखाता है.


कटनी से नितिन चावरे की रिपोर्ट
 

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रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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