‘बेटे के लिए धर्म का सहारा...’, दिग्विजय सिंह की सनातन यात्रा पर BJP विधायक ने उठाए सवाल
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा पर बीजेपी विधायक ने कई सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने दिग्विजय पर अपने बेटे को स्थापित करने के लिए धर्म का सहारा लेने का आरोप लगाया है.
मध्य प्रदेश के शाजापुर बीजेपी विधायक अरुण भीमावद ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन न्याय यात्रा’ पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने उन पर राजनीतिक लाभ लेने और अपने बेटे को स्थापित करने के लिए धर्म का सहारा लेने का आरोप लगाया है. विधायक अरुण भीमावद ने कहा कि दिग्विजय सिंह जब भी कोई कार्यक्रम या अभियान हाथ में लेते हैं, तो उसका उद्देश्य कांग्रेस को नुकसान पहुंचाना होता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि खुद और अपने बेटे को राजनीतिक रूप से स्थापित करना होता है.
विधायक अरुण भीमावद ने आगे कहा कि दिग्विजय सिंह की यह यात्रा धर्म के नाम पर उनके बेटे को स्थापित करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है, जो राजनीतिक दृष्टि से उचित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह जब भी प्रदेश के किसी जिले में कार्यक्रम लेकर जाते हैं, तो वहां विवाद और अशांति की स्थिति पैदा होती है. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं, जिससे हिंदू-मुस्लिम विवाद बढ़ने और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका रहती है.
‘सकारात्मक सोच के साथ निकालें यात्रा’
विधायक का कहना है कि दिग्विजय सिंह शाजापुर आ रहे हैं, उनका स्वागत है. हालांकि, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सकारात्मक सोच और अच्छी भावना के साथ यात्रा निकालें. उन्होंने कहा कि यदि यात्रा के पीछे धर्म के प्रति वास्तविक आस्था है, तो यह अच्छी बात है, लेकिन यदि ‘मुंह में राम और बगल में छुरी’ की भावना के साथ काम किया जा रहा है, तो यह न तो धर्म के लिए उचित है और न ही मध्यप्रदेश के हित में है.
पहले क्यों मंदिरों की नहीं आई याद ?
भाजपा विधायक ने दिग्विजय सिंह के रामभक्त होने संबंधी बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश में दस वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे। यदि वे स्वयं को रामभक्त मानते हैं, तो उनके कार्यकाल में मंदिरों की स्थिति और मंदिरों की जमीनों पर हुए अतिक्रमणों को लेकर प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए?
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सामाजिक सद्भाव को प्राथमिकता दी जाए
विधायक अरुण भीमावद ने दावा किया कि प्रदेश में अनेक मंदिरों की जमीनों पर अतिक्रमण था. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मंदिरों की जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने का निर्णय लिया था और उनके दावे के अनुसार, अब लगभग 70 प्रतिशत मंदिरों की भूमि अतिक्रमण से मुक्त हो चुकी है. उन्होंने आगे कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति करने के बजाय धार्मिक आस्था और सामाजिक सद्भाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. उन्होंने दिग्विजय सिंह की यात्रा की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया.
(रिपोर्टः मनोज जौन, शाजापुर)