भोपाल शरदोत्सव-2026: 7 युवा कलाकारों को मिला ‘राग भविष्य’ सम्मान, शास्त्रीय संगीत और कला का दिखा अनूठा संगम
भोपाल में शरदोत्सव कार्यक्रम के दौरान राग भविष्य के तहत युवा कलाकारों को सम्मानित किया गया. जहां सितार, शास्त्रीय गायन से लेकर तबला वादन की प्रस्तुतियों ने समां बांधा. आइए कार्यक्रम की कुछ खास बातों के बारे में भी बताते हैं.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार के दिन शरद पूर्णिमा की शाम को शरदोत्सव 2026 कार्यक्रम आयोजित किया गया. यह कार्यक्रम शिवाजी नगर स्थित दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय में अभिनव कला परिषद एवं स्वर-रंग आर्ट एवं कल्चरल सोसायटी की तरफ से रखा गया. इस दौरान संगीत, स्मृति और सृजन का अनोखा संगम भी देखने को मिला. इस कार्यक्रम का आकर्षण का केंद्र 'राग भविष्य' रहा.
इस कार्यक्रम में 'आज की प्रतिभा, कला की पहचान' थीम पर मध्य प्रदेश के 7 युवा कलाकारों को सम्मानित भी किया गया. साथ ही, शास्त्रीय गायन और वादन की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया. इस दौरान सुप्रसिद्ध ध्रुपद गायक उमाकांद गुंदेचा ने कहा कि, "अभिनव कला परिषद के जरिए पंडित सुरेश ने युवा कलाकारों को प्राथमिकता के साथ मंच प्रदान किया."
इन युवा कलाकारों को किया गया सम्मानित
राग भविष्य-युवा प्रतिभा सम्मान-2026 के तहत शरदोत्सव में शामिल युवा कलाकारों को सम्मानित किया गया.
| 1. | खुशी विजयवर्गीय | शास्त्रीय गायन |
| 2. | गीतांशी और कार्तिक जोशी | सितार वादन |
| 3. | ऋषि और मुनि मालवीय | बहुवाद्य वादन |
| 4. | प्रदक्षिणा भट्टा | खयाल गायन |
| 5. | राधिका ताम्रकार | कथक नृत्य |
| 6. | काव्यांशी यादव | तबला वादन |
| 7. | शेविका और शांवभी सक्सेना | ध्रुपद गायन |
चित्रकार स्व. नागदेव को किया गया याद
इस कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध पुरातत्वविद् डॉक्टर विष्णु श्रीधर वाकणकर के शिष्य और सुप्रसिद्ध चित्रकार स्व. सचिदा नागदेव की जयंती के मौके पर उन्हें याद किया गया. यहां मौजूद कला प्रेमियों ने कला और रंग-संवेदना के क्षेत्र में चित्रकार नागदेव के योगदान की सराहना कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई.
राग भविष्य में किसने - किसने दी प्रस्तुति?
बता दें कि 'राग भविष्य' के तहत सबसे पहले गीतांशी जोशी और कार्तिक जोशी ने सितार-तबाल की युगलबंदी से मनमोहक प्रस्तुति दी. इसके बाद संगीत-वादन का सिलसिला लगातार चलता रहा. इस दौरान खुशी विजयवर्गीय ने शास्त्री गायन पेश किया. इस पर काव्यांशी यादव ने संगत दी. इस कार्यक्रम में कलाकारों की प्रस्तुतियों में सुरों की शुद्धता, साधना और संगीत के प्रति समर्पण की भी झलक दिखाई दी.
कब से जारी है अभिनव कला परिषद यात्रा?
अभिनव कला परिषद के सचिव अतुल सुरेश तातेड़ ने बताया कि शरदोत्सव ने संगीत की परंपरा और नई पीढ़ी को एक साथ मंच पर लाकर भोपाल की सांस्कृतिक विरासत में नया अध्याय जोड़ा है. उन्होंने बताया कि पिता पंडित स्व. श्री सुरेश तांतेड़ ने अभिनव कला परिषद की स्थापना कर लगभग 6 दशकों तक अलग-अलग क्षेत्रों के कलाकारों को मंच देकर आगे बढ़ाया.
उन्होंने आगे कहा कि शरदोत्सव और राग भविष्य में युवा कलाकारों का सम्मान भी इसी सांस्कृतिक परंपरा का एक पड़ाव है. उन्होंने नई पीढ़ी को मंच और प्रोत्साहन देने पर जोर देते हुए कहा कि हमारी संस्था उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने और पहचान बनाने का अवसर देती है.
कार्यक्रम में इतने लोग हुए शामिल
इस कार्यक्रम के मौके पर विधायक भगवानदास शबनम, सुप्रसिद्ध तबला वादक किरण देशपांडे, भारती राजपूत, अनूप शर्मा, ऋषि शृंगारी, लेखिका डॉक्टर वीणा सिन्हा, डॉ. हेमंत सिन्हा, वरिष्ठ पत्रकार राममोहन चौकसे, संगीतकार विमल भंडारी मौजूद रहे. इस दौरान अंतरराष्ट्रीय सितार वादक स्मिता नागदेव और राग भविष्य के निदेशक दर्शन तातेड़ जैन समेत आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ने युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया.