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स्कूलों में हिंदू धर्म की ‘सही तस्वीर’ दिखाने की तैयारी: अमेरिका में 200 शिक्षकों के बीच पहुंचा अभिभावक संगठन, तेज हुई मुहिम

अमेरिका में हिंदू धर्म की सही समझ विकसित करने के लिए पढ़ाई के तौर-तरीकों में बदलाव लाने की दिशा में एक अभिभावक संगठन ने नई और सकारात्मक मुहिम शुरू की है. यह संगठन शिक्षकों के साथ मिलकर काम कर रहा है. इसका फोकस ऐसी शैक्षणिक सामग्री तैयार करने पर है, जिससे छात्रों को हिंदू परंपराओं, इतिहास और संस्कृति की बेहतर समझ मिल सके.

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Oct 24, 2026, 02:54 PM IST | Updated: Oct 24, 2026, 03:22 PM IST
Image Credit: सांकेतिक तस्वीर (AI)
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अमेरिका में सनातन धर्म की पढ़ाई को लेकर काम कर रहे हिंदू अमेरिकी अभिभावक संघ 'हिंदूइज्म फॉर स्कूल्स' ने सीधे शिक्षकों के साथ जुड़कर सिस्टम में बदलाव लाने की सराहनीय पहल शुरू की है. इस संगठन का कहना है कि न्यू जर्सी में आयोजित एक सम्मेलन में शिक्षकों ने हिंदू धर्म से जुड़ी 'सही और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील' सामग्री को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है. इससे उन्हें सकारात्मक संदेश मिला है.

हिंदू पेरेंट्स नेटवर्क ने बताया कि उसने 2026 न्यू जर्सी टीचर्स कॉन्फ्रेंस में 'बदलती दुनिया में हिंदू धर्म की सही और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील शिक्षा' विषय पर एक इंटरैक्टिव सत्र प्रायोजित किया. इस सम्मेलन में करीब 200 शिक्षकों ने हिस्सा लिया.

चुनौतियों पर चर्चा

समूह के अनुसार, इस सत्र में हिंदू धर्म से जुड़ी आम गलत धारणाओं और गलत प्रस्तुतियों पर चर्चा की गई. साथ ही कक्षा में आने वाली चुनौतियों और शिक्षकों की मदद के लिए उपयोगी संसाधनों के बारे में जानकारी साझा की गई.

शुक्रवार को अपने समर्थकों को भेजे गए संदेश में एचपीएन ने कहा, 'इस सत्र को बहुत अच्छा समर्थन मिला. शिक्षकों ने माना कि सही जानकारी वाले संसाधनों की जरूरत है और उन्होंने व्यावहारिक समाधानों का स्वागत किया.'

समूह ने सवाल उठाया, 'अगर हम शिक्षकों को सही जानकारी और संसाधन देकर सशक्त बनाएं, तो क्या हम हजारों छात्रों के हिंदू धर्म और उसके इतिहास को समझने के तरीके को बदल सकते हैं?'

सही कंटेट पर फोकस

इसी के साथ एचपीएन ने अपने अभियान को देशभर में फैलाने के लिए आर्थिक सहयोग की अपील भी की.

समूह का कहना है कि वह 'सटीक और कक्षा में तुरंत इस्तेमाल किए जा सकने वाले शैक्षिक संसाधन' तैयार करना चाहता है, सम्मेलनों और कार्यशालाओं के माध्यम से अधिक शिक्षकों तक पहुंचना चाहता है और 'गलतफहमियों को दूर करने के लिए स्कूलों के साथ मिलकर काम करना' चाहता है.

एचपीएन का कहना है कि उसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाली पीढ़ी हिंदू धर्म के बारे में ऐसी सामग्री के जरिए सीखे जो निष्पक्ष, सही, सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील और सम्मानजनक हो.

'हिंदूइज्म फॉर स्कूल्स'

अपने मध्य वर्षीय रिपोर्ट में एचपीएन ने बताया कि 2026 में उसने स्कूलों के पाठ्यक्रम में पक्षपात, हिंदुओं की गलत प्रस्तुति और सांस्कृतिक संवेदनशीलता से जुड़े मुद्दों पर छह नए स्कूल जिलों के साथ काम शुरू किया.

संगठन 'हिंदूइज्म फॉर स्कूल्स' नाम से प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के लिए मार्गदर्शिका (हैंडबुक) भी प्रकाशित करता है. इसके अलावा यह होली जैसे विषयों पर मुफ्त पाठ योजनाएं, स्लाइड्स और क्विज़ भी उपलब्ध कराता है. संगठन का कहना है कि इनका उद्देश्य स्कूल की पाठ्यपुस्तकों को बेहतर ढंग से पूरक बनाना है.

इस महीने की शुरुआत में एचपीएन ने हिंदू हेरिटेज मंथ के अवसर पर एक शैक्षणिक वीडियो भी जारी किया, जिसमें हिंदू सभ्यता के योगदान को दिखाया गया है. भारतीय अमेरिकी और हिंदू अमेरिकी संगठन कई वर्षों से अमेरिकी पाठ्यपुस्तकों में हिंदू धर्म की प्रस्तुति को लेकर चिंता जताते रहे हैं. खासकर कैलिफोर्निया के इतिहास और सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम से जुड़ी बहसों में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है.

यह अभियान ऐसे समय चलाया जा रहा है जब हिंदू अमेरिकी समुदाय कई चुनौतियों का सामना कर रहा है. विभिन्न हिंदू संगठनों ने ऑनलाइन नफरत और भड़काऊ टिप्पणियों में बढ़ोतरी की बात कही है. वहीं 11 अक्टूबर को इलिनॉय के ऑरोरा स्थित एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश के बाद कई सांसदों ने संघीय स्तर पर हेट क्राइम जांच की मांग भी की है.

न्यू जर्सी अमेरिका में भारतीय अमेरिकी आबादी वाले सबसे बड़े राज्यों में से एक है, इसलिए वहां शिक्षा और समुदाय से जुड़े ऐसे मुद्दों को विशेष महत्व दिया जाता है.

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About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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