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केरल में एक्सपायर्ड रेमडेसिविर से गई निपाह मरीजों की जान? रिकॉर्ड से मचा हड़कंप! जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित

क्या केरल में निपाह के मरीजों की मौत एक्सपायर्ड दवा रेमडेसिविर के इस्तेमाल से हुई थी? इस सवाल पर विवाद बढ़ गया है. स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने इसकी जांच के लिए एक बोर्ड भी गठित करने के निर्देश दिए हैं.

केरल में एक्सपायर्ड रेमडेसिविर से गई निपाह मरीजों की जान? रिकॉर्ड से मचा हड़कंप! जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित

केरल में निपाह वायरस से हुई मौतों का मामला एक बार फिर चर्चा में है. आरोप लग रहा है कि पिछले 3 साल में निपाह संक्रमित मरीजों को एक्सपायर हो चुकी रेमडेसिविर दवा दी गई थी, जिससे उनकी मौत होने की आशंका जताई गई है. यह मामला अब विधानसभा में उठा है, सरकार ने जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन भी कर दिया. रेमडेसिविर अमेरिकी कंपनी गिलियड की पेटेंटेड एंटीवायरल दवा है, जिसे समझौते के तहत भारतीय कंपनियां बनाती हैं और कोरोना काल में इसके इलाज के लिए इसका जमकर इस्तेमाल हुआ था.

दरअसल, केरल में कोविड-19 और निपाह संक्रमण से निपटने को लेकर पिछली सरकार की खूब तारीफ हुई थी, लेकिन अब इस पर एक गंभीर विवाद खड़ा हो चुका है. इस मामले में मौजूदा सरकार ने गुरुवार को इस बात की जांच के आदेश दिए हैं कि क्या पिछले कुछ सालों में निपाह मरीजों को कथित तौर पर एक्सपायर्ड रेमडेसिविर दवा दी गई थी और क्या इससे मरीजों की जान गई?

स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में पेश किए आंकड़े

प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने विधानसभा में कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझालनादन द्वारा उठाए गए एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दिया. उन्होंने सदन को बताया कि मामले की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा, जो यह जांच करेगा कि क्या साल 2023, 2024 और 2025 में निपाह के मरीजों की मौत एक्सपायर्ड रेमडेसिविर के इस्तेमाल के कारण हुई थी?

स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने यह भी साफ किया कि राज्य के अस्पतालों में रेमडेसिविर सप्लाई करने का जिम्मा सिर्फ सरकारी एजेंसी KMSCL के पास था. आंकड़े पेश करते हुए उन्होंने बताया कि KMSCL ने आखिरी बार 3 जून 2021 को 42 लाख रुपये खर्च करके 3,000 शीशियां खरीदी थीं और उस पूरे लॉट की एक्सपायरी डेट 30 मई 2023 थी.

स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में कोझिकोड मेडिकल कॉलेज के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 2023–24 में रेमडेसिविर की 102 शीशियां, 2024–25 में 34 शीशियां और 2025–26 में 10 शीशियां इस्तेमाल की गई थीं. वहीं 2026–27 के दौरान 50 शीशियां काम में ली गईं. हालांकि, मंत्री ने यह भी साफ किया कि 2026–27 वाली 50 शीशियां 12 जून 2026 को बहरीन से मंगाई गई थीं, जो एक निपाह मरीज को दी गई थीं.

किस साल में कितनी मौतें हुई थीं?

मंत्री के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज के आंकड़े सीधे तौर पर इशारा कर रहे हैं कि पिछले तीन सालों (2023, 2024 और 2025) में निपाह मरीजों के इलाज में एक्सपायर हो चुकी दवा इस्तेमाल हुई हो सकती है. 

अगर इन सालों में निपाह के असर को देखें, तो 2023 में 6 में से 2 मरीजों की मौत हुई थी, 2024 में आए दोनों मरीजों ने दम तोड़ दिया था और 2025 में भी 3 में से 2 मरीजों की जान गई थी. 2026 में सिर्फ एक केस आया था और वह मरीज सही-सलामत बच गया.

मरीजों की लिस्ट बनाने का आदेश

इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि मेडिकल शिक्षा निदेशालय और स्वास्थ्य सेवा निदेशालय को उन सभी मरीजों की लिस्ट तैयार करने को कह दिया गया है, जिन्हें अस्पतालों में रेमडेसिविर दवा दी गई थी.

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About the Author

Bhoopendra Rai

Bhoopendra Rai

पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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