एक मंच पर फडणवीस, उद्धव और राज ठाकरे, चढा सियासी पारा; अब महाराष्ट्र सीएम ने बताई वजह
एक ही मंच पर देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक साथ आने से महाराष्ट्र में सियासी पारा चढ़ गया था. इस खास मुलाकात पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसकी बड़ी वजह बताई.
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के बाद महाराष्ट्र के एक ही मंच पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ शिवसेना बाला साहेब ठाकरे प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे एक ही मंच पर एक साथ नजर आए. इस तस्वीर ने महाराष्ट्र का सियासी पारा चढ़ा दिया था. तीनों ही नेता सियासत के विपरीत ध्रुवों की तरह हैं, जिनका एक साथ एक मंच पर आना हर किसी के लिए सूबे में चर्चा का विषय बन गया था. वहीं अब सीएम फडणवीस की इस तस्वीर को लेकर सफाई आई है.
सीएम फडणवीस ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए बताया कि किस वजह से वो अपने सियासी विरोधियों के साथ मंच साझा करने चले गए थे. सीएम फडणवीस ने बताया, 'मुझे लगता है कि कल का कार्यक्रम बहुत शानदार था. 'महाराष्ट्रच्या हास्य रेषा' नाम की इस किताब में 75 ऐसे कार्टूनिस्टों को शामिल किया गया है, जिन्होंने पिछले 100 सालों में महाराष्ट्र की कार्टूनिंग परंपरा में अपना योगदान दिया है. हम तीनों (शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे और MNS प्रमुख राज ठाकरे) साहित्य प्रेमी के तौर पर इस पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शामिल हुए. वहां दिए गए भाषण हल्के-फुल्के और मजेदार थे, जिनका मकसद एक खुशनुमा माहौल बनाना था.'
हमारी विचारधाराएं अलग हो सकती हैं लेकिन...
CM ठाकरे ने आगे बताया, 'मेरा मानना है कि इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र की संस्कृति का एक बहुत ही सुंदर पहलू देखने को मिला. हमारी विचारधाराएं अलग हो सकती हैं और अक्सर हमारे बीच वैचारिक मतभेद भी हो सकते हैं. राजनीतिक तौर पर हम एक-दूसरे की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन इन मतभेदों के बावजूद हम ऐसे कार्यक्रमों में एक साथ आ सकते हैं. मुझे लगता है कि महाराष्ट्र भी यही संस्कृति चाहता है. लोगों ने भी इस कार्यक्रम की काफी तारीफ की, और मुझे लगता है कि भविष्य में ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए'
2029 तक सीएम पद को लेकर राज ठाकरे का मजेदार सुझाव
कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने राज ठाकरे का न्योता स्वीकार किया और यहां पहुंचे. इस बात पर चुटकी लेते हुए राज ठाकरे ने मजाकिया लहजे में कहा, 'मैं आशीष शेलार से कहना चाहूंगा कि 2029 तक मुख्यमंत्री को अपने पास ही संभाल कर रखें.'
फोन नहीं आया... सीएम फडणवीस ने ली उद्धव ठाकरे की चुटकी
राज ठाकरे के इस बयान पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अक्सर लोग कहते हैं कि राज ठाकरे जब भी बुलाते हैं, वे आ जाते हैं. फडणवीस ने कहा, '2019 से पहले जब उद्धव ठाकरे का फोन आता था, तब भी मैं जाता था. लेकिन 2019 के बाद से मैं तो उद्धव जी के फोन का इंतजार ही करता रह गया, उन्होंने फिर कभी फोन किया ही नहीं.' फडणवीस की इस बात पर मंच और दर्शक दीर्घा में ठहाके गूंज उठे, यहां तक कि राज और उद्धव भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए.
MLC चुनाव और व्यवस्था पर राज ठाकरे का तंज
हाल ही में संपन्न हुए एमएलसी चुनावों पर बात करते हुए राज ठाकरे ने चुनाव प्रणाली पर हल्का-फुल्का तंज कसा. उन्होंने कहा कि वे खुद ग्रेजुएट नहीं हैं, फिर भी ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं. एक पुरानी घटना याद करते हुए उन्होंने बताया कि दिग्गज नेता प्रमोद नवलकर ने एक बार उन्हें ग्रेजुएट एमएलसी का फॉर्म दिखाया था, जिसमें सबसे नीचे 'हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान' लगाने का विकल्प था. राज ठाकरे ने कहा कि हमारा देश महान है जहां ग्रेजुएट सीट के उम्मीदवार का खुद ग्रेजुएट होना भी जरूरी नहीं है. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यहां चुनाव सुधारों पर कुछ खास नहीं हो सकता.
सियासी कार्टूनों पर नेताओं की राय
कार्यक्रम में नेताओं और राजनीतिक कार्टूनों के रिश्ते पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री फडणवीस ने नेताओं को सलाह दी कि जब कार्टूनिस्ट उनका कार्टून बनाते हैं, तो कई बार वे देखने में थोड़े अजीब लग सकते हैं, लेकिन नेताओं को बुरा मानने के बजाय उसका आनंद लेना चाहिए. इस पर उद्धव ठाकरे ने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड लॉयड जॉर्ज का उदाहरण देते हुए कहा कि तनाव दूर करने के लिए वे रोज सुबह अपने कार्टून देखा करते थे. उद्धव ने यह भी बताया कि विंस्टन चर्चिल ने भी अपने कई कार्टून घर में लगा रखे थे. पूरे कार्यक्रम का माहौल काफी हल्का-फुल्का रहा, जहां गंभीर राजनीति की जगह ठहाकों और पुरानी यादों ने ले ली.
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