LIVE: जमशेदपुर में दिखा 'अर्नब' का असर: शाम को ही जोरदार आंधी के साथ बारिश; जानें रेड अलर्ट के बीच क्या हैं ताजा हालात
चक्रवात 'अर्नब' के कल सुबह आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका है. रेड अलर्ट के बीच कई ट्रेनें और फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं. जानिए तटीय इलाकों के ताजा हालात और प्रशासन की तैयारियां.
झारखंड के जमशेदपुर में चक्रवात अर्नब का असर आज शाम को दिखाई देने लगा है. यहां पर तेज आंधी के साथ जोरदार बारिश शुरू हो चुकी है. इस बारिश से यहां के लोगों को गर्मी से राहत मिली है. स्थानीय स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है. वहीं आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित गन्नवरम एयरपोर्ट पर चक्रवात 'अर्नब' का सीधा असर देखने को मिल रहा है. चक्रवात की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के लिहाज से गन्नवरम हवाई अड्डे पर आने और जाने वाली कई उड़ानों को रद्द कर दिया गया है. तटीय इलाकों में खराब मौसम और तेज हवाओं की आशंका के कारण हवाई अड्डा प्रशासन हाई अलर्ट पर है. यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है.
मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच गन्नवरम एयरपोर्ट अथॉरिटी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. मौसम के हर अपडेट को बहुत ध्यान से देखा जा रहा है ताकि हवाई संचालन से जुड़े फैसले सही समय पर लिए जा सकें. फिलहाल हवा की गति और बारिश के रुझान को देखते हुए उड़ानों के समय और उड़ानों के संचालन में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं. वहीं कई ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है और पर्यटक स्थलों को भी बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं.
जमशेदपुर में अर्नब का असर तेज आंधी के साथ बारिश भी शुरू
जमशेदपुर अर्नब तूफान का असर जमशेदपुर मे देखने को मिल रहा है, जंहा शाम होते की आसमान ने घने बादल के साथ जोरदार आंधी पानी शुरू हो गया, इस तूफान से जहां मौसम सुहाना हो गया, तो वहीं जोरदार आंधी-पानी से लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली, शाम होते ही तेज बारिश और आंधी से पूरा शहर धूल के गुबार मे तब्दील हो गया. यह तूफान तीन दिनों तक रहने की संभावना है, जिसकी वजह से कल स्कूल बंद भी रह सकते हैं, तूफान का असर पूरे पूर्वी सिंघभूम मे देखा जा रहा है.
'अर्नब' से बचाव के लिए 71 गर्भवती महिलाओं को स्थानांतरित किया गया
ओडिशा में चक्रवात 'अर्नब' के टकराने से पहले, एहतियात के तौर पर 71 गर्भवती महिलाओं को मलकानगिरी के जिला मुख्यालय अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चक्रवात के दौरान उन्हें चिकित्सा सुविधा मिल सके.
चक्रवात 'अर्नब' के मद्देनजर मलकानगिरी जिला प्रशासन अलर्ट पर है और बचाव दलों को तैनात कर दिया गया है. सहायक अग्निशमन अधिकारी सुशांत सेठी ने कहा, 'अर्नब चक्रवाती तूफान से मुकाबला करने के लिए हम सब तैयार हैं. जिले में 8 फायर स्टेशन हैं. सभी पर जवान तैनात हैं. जहां पानी भरने की संभावना हैं वहां विशेष निगरानी की जाएगी.'
'अर्नब' को लेकर तैयारियों पर क्या बोले ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री?
ओडिशा में संभावित चक्रवात 'अर्नब' के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है. राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि सरकार स्थिति पर लगातार पैनी नजर रखे हुए है और लोगों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है. तटीय और संभावित रूप से प्रभावित होने वाले सभी जिलों के जिला कलेक्टरों को पहले ही हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए जा चुके हैं. राहत कार्यों के लिए तैयार किए जा रहे चक्रवात आश्रय स्थलों (साइक्लोन शेल्टर) में पीने का साफ पानी, सूखा भोजन, बिजली और मेडिकल टीमों की पूरी व्यवस्था की जा रही है ताकि वहां रहने वालों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
ओडिशा के इन जिलों में है ये तैयारी
गंजम: 9 ODRF, 2 NDRF, 24 फायर सर्विस
गजपति: 6 ODRF, 1 NDRF और 8 फायर सर्विस
रायगडा: 3 ODRF, 1 NDRF और 11 फायर सर्विस
कोरापुट: 3 ODRF, 1 NDRF, 14 फायर सर्विस
मलकानगिरी: 3 ODRF, 1 NDRF, 9 फायर सर्विस
नबरंगपुर: 3 ODRF, 12 फायर सर्विस
हवाई अड्डा अधिकारियों ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा पर निकलने से पहले अपनी-अपनी एयरलाइंस से संपर्क करें.
उड़ान का स्टेटस जांचें: घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का ताजा स्टेटस (रद्द या री-शेड्यूल) एयरलाइन की वेबसाइट, ऐप या कस्टमर केयर के जरिए जरूर चेक कर लें.
समय और असुविधा से बचें: मौसम की अनिश्चितता के कारण अंतिम समय में भी फ्लाइट के शेड्यूल में बदलाव हो सकता है. ऐसे में पहले से जानकारी रखना ही समझदारी होगी.
हेल्पलाइन से लें मदद: किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति में अपनी संबंधित एयरलाइन के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके पुष्टि करें.
सुरक्षा को दी जा रही है प्राथमिकता
चक्रवात अर्णव के खतरे को देखते हुए प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यात्रियों और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता और उड़ान भरने के लिए स्थितियां अनुकूल नहीं होतीं, तब तक उड़ानों का संचालन पूरी तरह से सुरक्षित माहौल में ही किया जाएगा. एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों को मौसम की स्थिति के हिसाब से थोड़ा धैर्य रखने और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है.
53 ट्रेनें रद्द और पर्यटक स्थलों को बंद किया गया
चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए दक्षिण रेलवे ने 27 और 28 अक्टूबर के बीच 53 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जिससे आंध्र प्रदेश के कई मुख्य रूट प्रभावित हुए हैं. तूफान के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं. इसके तहत मछुआरों को पूरी तरह से समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है. साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजर पहाड़ी इलाकों, झरनों, बांधों और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लोगों के आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई है. आम जनता से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पूरा पालन करें.