अरुणाचल में संग्राम, सियांग बांध के विरोध में अवाम; NHPC ऑफिस और पुलिसथाने में लगाई आग; दो विधायकों के घर लूटे
Arunanchal Pradesh Violence Protest: अरुणाचल प्रदेश में सियांग डैम से जुड़े प्रोजेक्ट के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. शुक्रवार को यह प्रदर्शन तब और हिंसक हो गया, जब कुछ लोगों ने पुलिस स्टेशन में आग लगा दी.
Arunanchal Pradesh Protest: अरुणाचल प्रदेश में 11,200 मेगावाट की सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट ( SUMP) के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. शुक्रवार ( 23 अक्टूबर 2026) को यहां पासीघाट में शुरु हुआ प्रदर्शन हिंसक हो गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने NHPC ऑफिस और एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी और 2 विधायकों- राज्य भाजपा अध्यक्ष के आवासों में तोड़फोड़ और लूटपाट की.
पुलिस के मुताबिक, शनिवार ( 24 अक्टूबर 2026) तड़के करीब 9 घंटे तक हिंसा जारी रही. इस दौरान हुई पत्थरबाजी में 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए. इस दौरान एक प्रदर्शनकारी के पैर में आंसू गैस का गोला लगा. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.
प्रदर्शनकारियों ने की तोड़फोड़
ईस्ट सियांग डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने विरोध प्रदर्शनों और बंद से जुड़ी गतिविधियों के बाद तोड़फोड़, आगजनी और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंकाओं का हवाला देते हुए पासीघाट, मेबो और रुक्सिन में सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया. शनिवार को जारी एक कार्यकारी आदेश में डिप्टी कमिश्नर जयंती पर्टिन ने कहा कि ये प्रतिबंध 24 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजे से प्रभावी होंगे और वापस लिए जाने या संशोधित किए जाने तक लागू रहेंगे. हालांकि, पासीघाट में बंद का पालन नहीं किया गया.
पुलिस भी घायल
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि एक डिप्टी SP को भी सिर में चोट लगी है और उन्हें इलाज के लिए डिब्रूगढ़ ले जाया गया है. वहीं, पासीघाट के IGP हिब्रू तमांग ने बताया कि सेंट्रल पुलिस फोर्स के जवान भी बुरी तरह घायल हुए हैं. भीड़ ने उस अस्पताल पर भी पत्थर फेंके, जहां घायल जवानों को ले जाया गया था. अब तक कम से कम 9 पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं. भीड़ को सुबह 4 बजे तितर बितर किया गया.
जेन जी का धरना
तमांग ने बताया कि खुद को जेन जी बताने वाला एक ग्रुप अचानक सामने आया और मेबो की तरफ धरना देने बैठ गया. दोपहर करीब 2 बजे यह समूह पासीघाट क्षेत्र में घुस गया. उन्होंने पासीघाट बोलेंग हाईवे को ब्लॉक कर दिया और ट्रैफिक को आगे नहीं बढ़ने दिया. उनकी कोई स्पष्ट मांग नहीं थी. उन्होंने कहा कि वे अनिश्चितकाल तक धरना देंगे और नारे भी लगाए गए. पुलिस के मुताबिक उन्होंने और नागरिक अधिकारियों ने 2 घंटे तक समूह को हाईवे छोड़ने के लिए समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.
IGP ने कहा,' अंधेरा होते ही समूह हिंसक और अनियंत्रित हो गया. 200-300 लोगों की हिंसक भीड़ ने पुलिस और मजिस्ट्रेट पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. उनमें से कुछ के हाथों में शराब और बीयर की बोतलें थीं और वे नशे में थे. पुलिस ने स्थिति को नरमी से संभाला और आंसू गैस के इस्तेमाल के अलावा कुछ नहीं किया.'
चीन बनाने जा रहा डैम
चीन की ओर से तिब्बत में सियांग नदी पर 60,000 मेगावाट की क्षमता का मेडोग डैम बनाया जा रहा है. चीन इस डौम को तिब्बत के मेडोग काउंटी में यारलुंग त्सांगपो के निचले हिस्से में बना रहा है. यहा दुनिया की सबसे गहरी नदियों में से एक है. इस प्रोजेक्ट में 5 कैस्केड हाइड्रोपावर स्टेशन होंगे, जिनसे हर साल तकरीबन 300 बिलियन kWh इलेक्ट्रिसिटी पैदा हो सकती है. 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रोजेक्ट तकरीबन 1.2 ट्रिलियन युआन (17.06 लाख करोड़ रुपये) में बन रहा है, जो अबतक का सबसे महंगा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट है.
चीन के डैम से भारत को खतरा
भारत ने चीन के इस डैम के बनने पर सियांग नदी में पानी के प्रवाह के प्रभावित होने की आशंका जताई है. अचानक बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने पर यहां बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है. ऐसे में भारत भी अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग जिले में सियांग नदी पर 11,200 मेगावाट की क्षमता का डैम बनाने की योजना बना रहा है.
सियांग नदी तिब्बत से निकलती है. इसे अरुणाचल प्रदेश में सियांग और असम में ब्रह्मपुत्र नदी कहा जाता है. सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से वहां के 27 गांव डूब सकते हैं और कई गांव प्रभावित हो सकते हैं. स्थानीय लोगों का भी आरोप है कि बिना उनकी सहमति लिए इस सर्वे को आगे बढ़ाया जा रहा है.