हवा में 3500 घंटे और 40 साल का तजुर्बा: आशुतोष दीक्षित के हाथ में होगी एयरफोर्स की कमान, कल संभालेंगे चार्ज
लगभग 40 साल के करियर में एयर मार्शल आशुतोष ने एयरफोर्स में कई बड़ी जिम्मेदारियां संभाली हैं. उनके पास 20 से ज्यादा तरह के प्लेन उड़ाने और 3500 घंटे से भी ज्यादा की फ्लाइंग का तगड़ा एक्सपीरियंस है.
भारतीय वायुसेना को नया प्रमुख मिलने जा रहा है. कल यानी 31 अक्टूबर 2026 को एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 29वें चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (CAS) के रूप में कमान संभालेंगे. वो एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह (एपी सिंह) की जगह लेंगे, जो 31 अक्टूबर 2026 को अपने पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं. आशुतोष दीक्षित एक जबरदस्त पायलट और बेहतरीन फ्लाइंग ट्रेनर हैं. अपने 40 साल के लंबे करियर में उन्होंने एयरफोर्स ही नहीं, बल्कि तीनों सेनाओं के कई बड़े ऑपरेशनों में अहम रोल अदा किया है.
आशुतोष दीक्षित साल 1986 में फाइटर पायलट बने थे. उनके पास 20 से ज्यादा तरह के लड़ाकू और फौजी विमान उड़ाने का लंबा तजुर्बा है. खास बात ये है कि वो 3,500 घंटे से भी ज्यादा समय तक आसमान में उड़ान भर चुके हैं.
अपने 4 दशक के करियर में दीक्षित ने देश में बने 'तेजस' से लेकर मिराज-2000, अलग-अलग मिग विमान, जगुआर, हवा में तेल भरने वाले आईएल-78 और हॉक ट्रेनर जैसे कई कठिन विमान उड़ाए और उनकी टेस्टिंग की है. नए विमानों और हथियारों के ट्रायल और सेना को आधुनिक बनाने में उनकी तकनीकी समझ काफी गहरी है.
कई शीर्ष पदों पर काम करने का अनुभव है
वायुसेना प्रमुख का पद संभालने जा रहे एयर मार्शल दीक्षित ने कई शीर्ष पदों पर काम किया है. वे वायुसेना के वाइस चीफ (VCAS) रहे, सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) रहे और चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के तहत चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (CISC, HQ IDS) की कमान भी संभाल चुके हैं. उन्होंने पश्चिमी सेक्टर के संवेदनशील अग्रिम लड़ाकू एयरबेस और दक्षिणी सेक्टर के एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस का नेतृत्व किया है.
इन ऑपरेशन्स में रही अहम भूमिका
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने देश के लिए कई ऑपरेशन्स में अहम रोल अदा किया. इनमें कारगिल युद्ध के दौरान ऐतिहासिक 'ऑपरेशन सफेद सागर', आतंकवाद विरोधी 'ऑपरेशन रक्षक', अमेरिका के साथ संयुक्त 'अभ्यास कोप इंडिया' और 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे अहम सैन्य अभियान शामिल हैं.
वीरता और सेवा पदकों से नवाजे गए
- परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM)- 2026
- अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM)- 2023
- विशिष्ट सेवा पदक (VSM)- 2011
- वायु सेना पदक (VM)- 2006
लखनऊ से है गहरा नाता
नए एयर चीफ आशुतोष दीक्षित की जड़ें उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़ी हैं. एनडीए में सिलेक्शन से पहले उनकी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा लखनऊ में ही पूरी हुई थी. उनके पिता स्व. पीसी दीक्षित शहर के प्रतिष्ठित डीएवी डिग्री कॉलेज में समाजशास्त्र के प्रोफेसर थे. साल 1999 में पिता के रिटायरमेंट के बाद परिवार कुछ समय तक चारबाग की बरहा कॉलोनी में रहा और बाद में साउथ सिटी में शिफ्ट हुआ, जहां उनके छोटे भाई अमिताभ दीक्षित रहते हैं.
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