बुखार और उल्टी-दस्त से परेशान था मासूम, दवा देने पर बिगड़ गई हालत! दादा ने डॉक्टर पर लगाए आरोप
पानीपत के देवी मूर्ति कॉलोनी के रामा अस्पताल के डॉक्टरों पर एक दादा ने अपने पोते की मौत का आरोप लगाया है. दरअसल, दादा ने डॉक्टर पर गलत दवा देने और इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाया. बच्चे के परिवार वालों ने मौते के बाद असप्ताल के बाहर काफी हंगामा किया.
पानीपत में नौ माह के मासूम पोते का शव गोद में लिए अस्पताल के सामने खड़ा एक बेबस दादा, आंखों में आंसू और मन में बच्चे को खोने का असहनीय दर्द. करीब चार घंटे तक चले इस घटनाक्रम ने अस्पताल में इलाज की व्यवस्था और डॉक्टर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पानीपत के देवी मूर्ति कॉलोनी के रामा अस्पताल में बुधवार को 9 महीने के बच्चे की मौत हो गई. इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. परिवार वालों ने डॉक्टर पर गलत दवा देने का और इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाया है. जैसे ही इसकी सूचना मिली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई. वहीं बच्चे के मौत की वजह पोस्टमार्टम के बाद ही चल पाएगी.
क्या थी बच्चे को परेशानी?
बच्चे की पहचान रुद्रांश के रूप में हुई है. मृतक रुद्रांश के दादा ने बताया कि लगभग 15 दिन पहले बच्चे को बुखार और उल्टी-दस्त की समस्या हुई थी. इसके बाद उसे रामा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहां पर 8 से 10 दिन उसका इलाज चल रहा था. वहीं हालत में सुधार होने के बाद डॉक्टर ने उसे छुट्टी कर दी थी. इसके बाद बच्चा कुछ दिन ठीक रहा, लेकिन फिर उसे उल्टी-दस्त और तेज बुखार की शिकायत होने लगी.
दवा देने के बाद बिगड़ी हालत
पंकज ने बताया कि बुधवार से पहले वो बच्चे को दोबारा डॉक्टर के पास ले गए थे. वहां पर डॉक्टर ने पहले जांच किया फिर तीन दिन दवा दी थी. वहीं दादा का आरोप है कि बच्चा कुछ खा-पी नहीं रहा था और उसे तेज बुखार था, इसलिए उन्होंने बताई गई मात्रा से भी कम दवा दी. इसके बावजूद दवाई देने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी और वह लंबे-लंबे सांस लेने लगा.
15-20 मिनट बाद पहुंचे डॉक्टर
दादा के अनुसार, बच्चे की हालत बिगड़ते ही उसे रामा अस्पताल ले जाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे. जब उन्होंने कहा कि डॉक्टर को बुलाओ, तो वहां के स्टाफ ने 15 से 20 मिनट तक पूछताछ में लगा दिए. इसके बाद डॉक्टर वहां आए और बच्चे को देखते ही मृत घोषित कर दिया. पंकज ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर से बच्चे का शरीर गर्म होने की बात कहते हुए इलाज करने की गुहार लगाई, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि अब कुछ नहीं हो सकता.
पोस्टमार्टम की मांग
वहीं बच्चे की मौत के बाद परिवार वालों ने अस्पताल के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया. दादा ने आरोप लगाया कि गलत दवा और इलाज में लापरवाही के कारण उनके पोते की जान गई है. उन्होंने मामले में पोस्टमार्टम कराने की मांग की. परिवार वालों का ये भी आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद डॉक्टर कमरे को बंद कर वहां से चला गया.
क्या कहा सिटी थाना प्रभारी कटार सिंह ने?
सिटी थाना प्रभारी कटार सिंह के अनुसार, डायल 112 पर बच्चे को गलत दवा देने से मौत होने की शिकायत मिली थी. उन्होंने कहा कि परिजनों की तरफ से लिखित शिकायत मिलने के बाद उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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(पानीपत से राकेश भयाना की रिपोर्ट)