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DNA: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 1 नवंबर की दिल्ली रैली को लेकर क्या तैयारी है?

1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक की महारैली की तैयारियां तेज हैं. जानिए रैली से जुड़ी मुख्य मांगों और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी रिपोर्ट.

Written By Ravindra Pratap Singh
Published: Oct 29, 2026, 10:58 PM IST | Updated: Oct 29, 2026, 11:04 PM IST
Image Credit: 1 नवंबर को दिल्ली में महासंग्राम! CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रामलीला मैदान में जुटेंगे 10 लाख लोग
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मित्रों, DNA में विश्लेषण की शुरुआत..आज हम, सियासी प्रदर्शन की मेगा तैयारी से करेंगे. दिवाली वाला सप्ताह दिल्ली के लिए आफत भरा होने वाला है. क्योंकि सड़क की राजनीति को नया आयाम देने के लिए दिल्ली में त्रिकोणीय तैयारी हो रही है. एक नवंबर को कांग्रेस की अगुवाई में इंडिया गठबंधन ऐतिहासिक रैली की तैयारी कर रहा है. राहुल गांधी ने आज फिर 1 नवंबर को लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया. दूसरी तरफ विपक्ष की मोर्चाबंदी के खिलाफ बीजेपी भी सड़क पर उतर रही है.

इस सियासी टकराव के त्रिकोण में तीसरा कोण उन व्यापरियों का है जिनका बिजनेस.. आंदोलन की चोट से प्रभावित हो रहा है. और दिवाली पर जबरदस्त कमाई की इनकी उम्मीद इस बार धूमिल हो रही है. ये व्यापारी आंदोलन के खिलाफ मोर्चा बना रहे हैं. कांग्रेस का आरोप है कि उसके आंदोलन को नाकाम बनाने के लिए सरकारी स्तर पर साजिश हो रही है. आधुनिक सामाजिक आंदोलनों के विशेषज्ञ कहे जानेवाले अमेरिकी विद्वान सिडनी टैरो का विचार है कि सामूहिक विरोध और आंदोलन ही वह भाषा है जिसके माध्यम से विपक्षी समूह अपनी बात को व्यवस्था के केंद्र तक पहुंचाते हैं. 

यह कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने और अपनी शक्ति का अहसास कराने का सबसे प्रभावी जरिया है. अपनी बात को...अपने नैरेटिव को चर्चा के केंद्र तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने आंदोलन का रास्ता चुना है. 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैली की तैयारी हो रही है. CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होनेवाली रैली के लिए कांग्रेस ने पूरी ताकत लगाई है. सबसे पहले आप रामलीला मैदान में रैली की तैयारी पर हमारे संवाददाता सुमंत कुमार की रिपोर्ट देखिए

रामलीला मैदान में एक नवंबर को कांग्रेस की मेगा रैली

रामलीला मैदान ऐतिहासिक रैलियों का गवाह रहा है. इस इतिहास में नया अध्याय जोड़ने के लिए कांग्रेस ने एक नवंबर को देशभर से 10 लाख लोगों को दिल्ली लाने की घोषणा की है. इसके लिए व्यवस्थित तरीके से नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है. हम इसकी जानकारी आपको देंगे. लेकिन पहले आपको बताते हैं कि कैसे कांग्रेस ने 1 नवंबर से पहले ही 'वोट बचाओ-देश बचाओ' वाले नैरेटिव को चर्चा में लाने के लिए विशेष रणनीति बनाई है.

प्रियंका गांधी सहित विपक्ष के कई दिग्गज बैठक में शामिल

बैठक में प्रियंका गांधी, जयराम रमेश, TMC से डेरेक-ओ-ब्रायन, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ मांजी, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक, CPM के जॉन ब्रिटास समेत दूसरी पार्टियों के नेता शामिल हुए. वही दूसरी तरफ कल दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में सिटिज़न्स फॉर डेमोक्रेसी ने भी कांग्रेस के समानांतर मॉक पार्लियामेंट का ऐलान किया है. इसका विषय होगा ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता. इसमें संसदीय मर्यादाओं और राजनीतिक जवाबदेही पर चर्चा होगी. युवा वरिष्ठ नेताओं की भूमिका में नजर आएंगे

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मॉक पार्लियामेंट के जरिए कांग्रेस..मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोट चोरी के नैरेटिव को आगे बढ़ाएगी. इस नैरेटिव की मजबूती की परीक्षा 1 नवंबर की रैली में जमीन पर होनी है. इसलिए कांग्रेस के रणनीतिकारों का पूरा ध्यान रैली में ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाने पर है. इसके लिए कांग्रेस में बकायदा व्यवस्था बनाई गई है. नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है. अब बहुत ध्यान से सुनिए और समझिए की 1 नवंबर को संख्या वाली अग्निपरीक्षा को पास करने के लिए कांग्रेस ने अपने नेताओं को क्या-क्या जिम्मेदारी सौंपी है. केसी वेणुगोपाल सभी राज्यों के नेताओं से समन्वय कर रहे हैं. कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाने की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं. प्रियंका गांधी खासतौर पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हो रही तैयारियों पर नजर रख रही हैं.

हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, दीपेंद्र हुड्डा और राव नरेंद्र सिंह जैसे नेताओं को ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाने का टास्क सौंपा गया है. यूपी में अराधना मिश्रा मोना और राजेंद्र पाल गौतम कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाने का प्रबंध कर रहे हैं. पूरे उत्तर प्रदेश को 6 जोन में बांटकर हर जोन से ज्यादा से ज्यादा लोगों को दिल्ली लाने की तैयारी है और इसकी जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है. हिमाचल प्रदेश में सीएम सुखविंद सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने खुद कमान संभाली है. कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाने के लिए 150 से ज्यादा बसें बुक की गई हैं.

कांग्रेस नेताओं का गंभीर आरोप

तैयारियों के बीच कांग्रेस नेताओं ने एक गंभीर आरोप भी लगाया है. आज तेलंगाना कांग्रेस के नेताओं ने सिकंदराबाद में दक्षिण मध्य रेलवे ऑफिस से बाहर प्रदर्शन किया. आरोप लगाया कि 1 नवंबर की रैली में शामिल होने के लिए कार्यकर्ता दिल्ली जाना चाहते हैं. रेलवे से विशेष ट्रेन और एक्सट्रा डिब्बे की व्यवस्था करने की मांग की गई थी. 22 अक्टूबर को ट्रेन बुक की गई थीं. लेकिन जानबूझ कर ट्रेन देने से मना किया गया. कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं ने भी ऐसा ही आरोप लगाया है.

रेलवे ने दिया कांग्रेस के आरोपों पर जवाब

कांग्रेस ने आपने आरोपों को पुख्ता करने के लिए एक चिट्ठी जारी की है. कांग्रेस सांसद एम रवि की तरफ से चिट्ठी 26 अक्टूबर को रेलवे को सौंपी गई थी. रेलवे ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया है. रेलवे ने कहा है कि सिकंदराबाद से दिल्ली तक ट्रेन चलाने के लिए बड़ी तैयारी करनी होती है. कांग्रेस ने बहुत कम समय दिया. इसलिए जरूरी तैयारी नहीं हो सकती थी. त्योहारी सीजन के दौरान इतने कम समय में स्पेशल ट्रेन चलाना संभव नहीं था.

सच्चा लोकतंत्र केवल बंद कमरों से नहीं चलता है- महात्मा गांधी

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का विचार है कि सच्चा लोकतंत्र कभी भी केवल बंद कमरों की बैठकों से नहीं चलता, इसके लिए जनता की जागृति, सामूहिक संघर्ष और सड़कों पर उतरने के साहस की आवश्यकता होती है. कांग्रेस की स्ट्रीट पॉलिटिक्स को जवाब देने के लिए बीजेपी भी सामूहिक संघर्ष का रास्ता अपनाने की तैयारी कर रही है. आज बीजेपी की एक हाई-प्रोफाइल बैठक हुई. दिल्ली में हुई बैठक में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, किरेन रिजिजू, मनसुख मंडाविया, शिवराज सिंह चौहान, पीयूष गोयल और सुनील बंसल समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए. बैठक में तय किया गया कि सड़क पर उतर कर कांग्रेस को जवाब दिया जाएगा.

1 नवंबर से बीजेपी देशभर में पदयात्रा अभियान शुरू करेगी. लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ के घोषवाक्य के साथ ये पदयात्रा 30 नवंबर तक चलेगी. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन 1 नवंबर को हरियाणा के रोहतक में पदयात्रा करेंगे. उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी होंगे.

समझिए जिस दिन विपक्ष के नेता दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली कर रहे होंगे. ठीक उसी दिन उसी वक्त बीजेपी के दिग्गज देश के अलग-अलग शहरों में पदयात्रा कर रहे होंगे. दिल्ली में विपक्षी नेता जो नैरेटिव बनाएंगे...जो आरोप लगाएंगे उसका जवाब तत्काल बीजेपी के दिग्गज सड़क से देंगे. यानी विपक्ष के नैरेटिव और मीडिया मैनेजमेंट को पदयात्रा के जरिए त्वरित तरीके से काउंटर किया जाएगा.

व्यापारी संगठन ने राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी

व्यापारियों को डर है कि त्योहार के सीजन में रैली और आंदोलन से उनके कारोबार को नुकसान होगा. व्यापारियों की सालभर में होनेवाली कमाई का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा फेस्टिव सीजन से आता है. रामलीला मैदान के आसपास चांदनी चौक, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, सदर बाजार जैसे 20 बड़े होलसेल बाजार हैं. कारोबार पर चोट की आशंका से डरे व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने आज राहुल गांधी को एक चिट्ठी लिखी. उनसे मिलने और चर्चा के लिए 20 मिनट का समय मांगा. व्यापारियों का कहना है कि कांग्रेस अपनी रैली को दीपावली के बाद शेड्यूल करे. क्योंकि रैली में भीड़ आने से..सिर्फ एक दिन नहीं एक हफ्ते तक व्यापार पर असर पड़ेगा.  कांग्रेस की तरफ से व्यापारियों की इस चिट्ठी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. वहीं व्यापार में नुकसान की आशंका से आक्रोशित व्यापारियों का कहना है कि अगर कांग्रेस ने उनकी बात नहीं सुनी तो वो रैली नहीं होने देंगे. आज आपको नाराज व्यापारियों की आवाज भी सुननी चाहिए.

कांग्रेस की रैली बीजेपी की पदयात्रा व्यापारियों का विरोध

व्यापारियों का आक्रोश अपनी जगह है. लेकिन ये तय है कि 1 नंवबर को रामलीला मैदान में रैली होगी. बीजेपी की जवाबी पदयात्रा भी होगी. राजनीति को..व्यापारियों की परवाह नहीं है. लोगों की परेशानियों की भी चिंता नहीं है. उन्हें फिक्र है तो सिर्फ अपनी रैली और पदयात्रा की. तो ये मानकर चलिए, सत्ताधारी दल से लेकर विपक्ष तक..इनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर रैली और मार्च ही रहने वाले हैं. और ये एक दिन की बात नहीं है. कल से 1 नवंबर तक ऐसा रहेगा.

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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