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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में रिसर्च और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए IIT दिल्ली ने वॉलमार्ट ग्लोबल टेक के साथ चार साल की साझेदारी की है. IIT दिल्ली का कहना है कि इस पहल पर करीब 9 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इसके तहत एआई, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के साथ छात्रों को फेलोशिप दी जाएगी.
वहीं, शिक्षकों को ट्रेनिंग देकर AI की शिक्षा को IIT दिल्ली से बाहर दूसरे संस्थानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. यह साझेदारी IIT दिल्ली के यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने की है. कुल 9 करोड़ रुपए की इस चार साल की पहल में चालू वित्त वर्ष के लिए करीब 2.3 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं. इस पहल का मुख्य उद्देश्य AI के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शोध को बढ़ावा देना और इस क्षेत्र के लिए कुशल प्रतिभाएं तैयार करना है.
इसके तहत ऐसे विषयों पर शोध किया जाएगा, जिनका उपयोग उद्योगों के साथ-साथ समाज की जरूरतों को पूरा करने में भी हो सके. रिसर्च करने वाले विद्यार्थियों को विशेष फेलोशिप दी जाएगी, ताकि वे अपने काम को आगे बढ़ा सकें. इसके अलावा IIT दिल्ली के शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और स्कूल-कॉलेजों के शिक्षकों को AI से जुड़े विषयों का प्रशिक्षण देने पर भी ध्यान दिया जाएगा. इससे एआई की पढ़ाई और इससे जुड़ी तकनीकी जानकारी को IIT दिल्ली परिसर से बाहर भी पहुंचाने में मदद मिलेगी.
इस पहल में उद्योगों में काम करने वाले पेशेवरों और उन समुदायों के लोगों के लिए भी सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन्हें तकनीकी शिक्षा के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते. IIT दिल्ली के डीन प्रो. जयंत जैन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से शोध, उद्योग और समाज को बदल रहा है. उद्योगों के साथ साझेदारी से उन्नत शोध, नए प्रयोग और तकनीक पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने में मदद मिलती है.
उन्होंने टइस सहयोग से सार्थक और लंबे समय तक प्रभाव डालने वाले परिणाम मिलने की उम्मीद जताई. IIT दिल्ली अगले चार वर्षों तक इस पहल को लागू करने और उसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करने की जिम्मेदारी संभालेगा. संस्थान को उम्मीद है कि फेलोशिप, शिक्षक प्रशिक्षण और शोध सुविधाओं के विकास से AI के क्षेत्र में शोधकर्ताओं और शिक्षकों की नई पीढ़ी तैयार होगी.
IIT दिल्ली में यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी. यहां अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक मिलकर एआई और इसके उपयोग से जुड़े क्षेत्रों में शोध करते हैं. इनमें स्वास्थ्य सेवाएं, रोबोटिक्स, पदार्थ विज्ञान, आधुनिक उद्योग, जलवायु और परिवहन जैसे क्षेत्र शामिल हैं.
(Input: आईएएनएस)