दिल्ली की हवा में में सुधार, AQI पहुंचा 164, इन इलाकों में हालात खराब
दिल्ली के AQI में हल्का सुधार देखने को मिला है. सोमवार सुबह 7 बजे AQI 164 दर्ज किया गया. वायु प्रदूषण पर नजर रखने वाले 60 निगरानी केंद्रों में से 55 के आंकड़े सामने आए हैं. जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा AQI 246 दर्ज किया गया.
दिल्ली में बारिश के बाद से मौसम बदला हुआ है. ऐसे में उम्मीद है कि इसका असर वायु गुणवत्ता सूचकांक पर भी पड़ेगा. CPCB के अनुसार सोमवार 26 अक्टूबर की सुबह 7 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 164 दर्ज किया गया. इसे मध्यम (moderate) श्रेणी में रखा जाता है. इससे ये पता चलता है कि हवा गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है.
कहां कितना है AQI?
दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नजर रखने वाले 60 केंद्रों में से 55 के आंकड़े सामने आ गए हैं. इनमें से 30 केंद्रों पर PM2.5 प्रदूषण का मुख्य कारण रहा. PM2.5 हवा में मौजूद बेहद छोटे कण होते हैं, जो हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकते हैं. आंकड़ों के अनुसार, जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा AQI 246 दर्ज किया गया.
कहां है खराब स्थिति
इसके बाद विवेक विहार में 235, CRRI मथुरा रोड पर 231, पंजाबी बाग में 225 और आरके पुरम में 223 AQI रहा. इन सभी इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई. प्रदूषण के मुख्य कारण की बात करें तो जहांगीरपुरी, विवेक विहार, पंजाबी बाग और आरके पुरम में PM2.5 सबसे बड़ा प्रदूषक रहा. वहीं, CRRI मथुरा रोड पर PM10 मुख्य प्रदूषक के रूप में दर्ज किया गया.
यमुना नदी में दिखा सफेद झाग
वहीं इस बीच दिल्ली एनसीआर को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. कालिंदी कुंज के पास यमुना में एक बार फिर सफेद झाग देखने को मिल रहे हैं. वहीं पूरे क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता गिरकर हानिकारक के श्रेणी में पहुंच गई है. रविवार 25 अक्टूबर को यहां का AQI 168 तक पहुंच गया था.
हवा की गुणवत्ता में आई इस गिरावट को देखते हुए CAQM ने वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए 21 अक्टूबर को पूरे दिल्ली-NCR में GRAP के पहले चरण (Stage 1) को लागू कर दिया है. GRAP-1 के तहत होटलों, रेस्तरां और खुले में खाने-पीने की जगहों पर तंदूर में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक लगी दी गई है. साथ ही, डीजल जनरेटर का इस्तेमाल जरूरी कामों के लिए ही करने को कहा गया है. वहीं दूसरी तरफ कालिंदी कुंज में पानी की सतह पर जहरीले सफेद झाग की मोटी परतें देखने को मिली. ये नदी में प्रदूषण की समस्या को दिखाती है.
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