Dhanteras 2026: धनतेरस पर चांदी के सिक्के खरीदने से पहले सावधान! 100% शुद्धता के नाम पर हो रही बड़ी ठगी, कहीं आपके सिक्के में भी तो नहीं मिलावट?
धनतेरस पर चांदी के सिक्कों की बढ़ती मांग के बीच जी न्यूज की पड़ताल में मिलावट का खुलासा हुआ है. जांच में कुछ सिक्कों में 50-60% तक ही चांदी मिली, जबकि एक सिक्के में महज 74% शुद्धता पाई गई है.
DNA: धनतेरस के अवसर पर सबसे ज्यादा चांदी के सिक्कों की बिक्री होती है. पिछले कुछ सालों में धनतेरस पर चांदी के सिक्कों की बिक्री में सालाना 35 से 40% तक की वृद्धि दर्ज की गई है. धनतेरस पर चांदी के सिक्के खरीदने की प्लानिंग कर रहे है तो ये विश्लेषण आपको चांदी के सिक्के के नाम पर होने वाली ठगी और छल से बचाएगा.
जी न्यूज की पड़ताल में खुलासा हुआ है बाजार में बिक रहे चांदी के कुछ सिक्कों में 50 से 60 प्रतिशत ही चांदी होती है. ये शुद्ध चांदी के नाम पर विशुद्ध ठगी है.धनतेरस के दिन चांदी के सिक्कों के नाम पर होनेवाली ठगी से आपको बचाने के लिए जी न्यूज ने देश के कई शहरों में चांदी की शुद्धता का टेस्ट किया. चांदी के सिक्कों की शुद्धता की जांच क्यों और कितनी जरूरी है.
2025 में 15 हजार करोड़ की चांदी की बिक्री
पूरे साल में चांदी की कुल बिक्री में धनतेरस के दिन होनेवाली बिक्री का योगदान करीब 10% होता है. 2023 में धनतेरस के दिन करीब 3 हजार करोड़ रुपए की चांदी का कारोबार हुआ था. इसमें बड़ा हिस्सा चांदी के सिक्कों का था. 2024 में धनतेरस के दिन चांदी का कारोबार करीब 2,500 करोड़ रुपए का रहा था. 2025 में धनतेरस के एक दिन करीब 15 हजार करोड़ की चांदी की बिक्री हुई थी.
चांदी की रिकॉर्ड बिक्री की उम्मीद!
2026 में चांदी की रिकॉर्ड बिक्री की उम्मीद है. इसमें आपके साथ होनेवाले धोखे का खतरा भी बड़ा है. अधिक लाभ के लोभ में कुछ बेईमान और भ्रष्ट व्यापारी मिलावटी चांदी का सिक्का बेचते हैं. आपसे 99 प्वाइंट 9 प्रतिशत शुद्ध चांदी का पैसा वसूला जाता है लेकिन जो सिक्का आपको दिया जाता है उसमें चांदी की मात्रा कम होती है. भोपाल में प्रमोद शर्मा ने एक लोकल दुकान से चांदी का सिक्का खरीदा. उसकी शुद्धता की जांच कराई. जो सिक्का प्रमोद शर्मा को शुद्ध चांदी के नाम और शुद्ध चांदी के दाम पर बेचा गया उसमें सिर्फ 74 प्रतिशत चांदी थी. सरल शब्दों में समझिए 100 रुपए लेकर सिर्फ 74 रुपए की चांदी दी गई. यानी 26 रुपए की ठगी की गई.
आप भी इस बेईमानी का शिकार हो सकते हैं. इसलिए सावधान हो जाइए. पहली जरूरी बात यही है कि धनतेरस के दिन चांदी का सिक्का खरीदने से पहले उसकी शुद्धता सुनिश्चित करें. संभव हो तो कैरेटमीटर से सिक्के की शुद्धता की जांच जरूर करा लें.
क्यों खरीदा जाता है चांदी का सिक्का?
सनातन परंपरा में चांदी को चंद्रमा का धातु माना गया है. मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान माता लक्ष्मी के साथ-साथ चंद्रमा की भी उत्पत्ति हुई थी, इसलिए चांदी को माता लक्ष्मी का सगा और उनका प्रिय माना जाता है. ऐसा विश्वास है कि धनतेरस के दिन चांदी खरीदने से घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है.
इसी विश्वास के कारण धनतरेस के दिन चांदी के सिक्कों की सबसे ज्यादा बिक्री होती है. चांदी के सिक्कों में बड़ा बाजार पुराने सिक्कों यानी विक्टोरिया क्वाइन का है. ये वो सिक्के हैं जो अंग्रेजी शासन के समय बनाए गए थे. धारणा है कि विक्टोरिया सिल्वर क्वाइन की शुद्धता 100 प्रतिशत होती है. इसी धारणा के काऱण आज भी लक्ष्मी पूजन के लिए इन्हीं विक्टोरिया सिक्कों को पूजा की थाली में रखा जाता है.
धनतेरस पर जब आप चांदी का सिक्का खरीदने जाएंगे तो कई दुकानों पर आपको विक्टोरिया सिक्के भी मिलेंगे. सवाल है क्या ये असली वाले विक्टोरिया क्वाइन हैं. क्या ये मिलावट रहित हैं?
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विक्टोरिया के चित्र वाले चांदी के सिक्के
- वर्ष 1840 में पहली बार ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया के चित्र वाले चांदी के सिक्के जारी हुए थे
- 1862 में विक्टोरिया सिक्कों के डिजाइन में बदलाव किया गया था
- 1877 में विक्टोरिया को भारत की साम्राज्ञी घोषित किए जाने के बाद सिक्कों पर VICTORIA EMPRESS लिखा जाने लगा
- साल 1901 में महारानी विक्टोरिया की मृत्यु के बाद उनके नाम और चित्र वाले सिक्कों का नियमित उत्पादन बंद हो गया
जिन सिक्कों का उत्पादन आज से 125 साल पहले बंद हो गया है वो भी बाजार में बिक रहे हैं. सवाल ये है कि क्या आज बाजार में चांदी का जो विक्टोरिया सिक्का मिल रहा है वो असली है, उसमें 100 प्रतिशत शुद्ध चांदी है. पटना में प्रशांत झा इन्हीं सवालों के साथ एक ज्वैलरी शॉप पहुंचे, जहां चांदी का विक्टोरिया सिक्का भी बेचा जा रहा था.
विक्टोरिया सिक्कों के नाम पर बाजार में क्या-क्या बेचा जा रहा है?
1 अप्रैल 1941 से विक्टोरिया सिक्कों को कानूनी तौर पर चलन से बाहर कर दिया गया था. इन सिक्को की लोकप्रियता को देखते हुए कई प्राइवेट कंपनियां आज भी महारानी विक्टोरिया की तस्वीर वाले चांदी के सिक्के बनाती हैं. धनतेरस पर आप चांदी का विक्टोरिया क्वाइन खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखिएगा. ये ऑरिजनल पुराने विक्टोरिया सिक्के हैं इसकी पहचान करने का अब कोई पुख्ता तरीका नहीं है. इसलिए पुराने सिक्के के नाम पर अगर कोई आपसे ज्यादा पैसे मांगे तो सावधान रहिएगा. दूसरा इन सिक्कों में कितनी चांदी है इसकी भी जांच जरूर कीजिएगा. क्योंकि मिलावट इन सिक्कों में भी हो रही है. आज कुछ लोग विक्टोरिया सिक्कों के जैसे ही नकली सिक्के बनाकर बेच रहे हैं.
कैरेटमीटर से चांदी की शुद्धता की जांच करें
चांदी का सिक्का चाहे नया हो या विक्टोरिया की तस्वीर वाला हो. सवाल उसमें चांदी की शुद्धता का है. सवाल ये है जितनी चांदी और जितने ग्राम चांदी बताकर सिक्का आपको बेचा जा रहा है उसमें उतनी शुद्ध चांदी है भी या नही. जैसा की हमने आपको बताया कैरेटमीटर से आप चांदी की शुद्धता की जांच कर सकते हैं. चांदी की शुद्धता जांचने के कुछ पारंपरिक तरीके भी हैं. जैसे चांदी के सिक्के के ऊपर बर्फ का एक छोटा टुकड़ा रखिए. अगर सिक्का शुद्ध चांदी का है, तो बर्फ इतनी तेजी से पिघलेगी जैसे वह किसी गर्म तवे पर रखी हो. दूसरा चांदी के सिक्के के पास एक चुंबक रखिए. सिक्का चुंबक से चिपक जाता है, तो नकली है और उसमें लोहा या निकल मिला है. अगर सिक्का चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होता, तो उसके असली होने की संभावना ज्यादा है.
सिक्के पर हॉलमार्क का निशान देंखे
जब आप चांदी का सिक्का खरीदें तो कैरेटमीटर जैसी वैज्ञानिक पद्धति से ही शुद्धता की जांच करें. सिक्के पर हॉलमार्क का निशान देंखे. BIS हॉलमार्क जैसे दूसरे जरूरी सर्टिफिकेशन चेक करें. जब इत्मिनान हो जाए की जो सिक्का आप खरीद रहे हैं वो शुद्ध औऱ मिलावट रहित है तभी खरीदें.