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गिरावट के बाद क्रूड के दाम में फिर आई तेजी, चढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा तेल

ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम में गिरावट देखे जाने के बाद इसमें एक बार फिर से तेजी देखने को मिल रही है. हूती विद्रोहियों की तरफ से दावा किया गया कि उन्होंने सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरी पर हमला किया है. इसके बाद ब्रेंट क्रूड चढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

Written By Kriyanshu Saraswat
Published: Oct 28, 2026, 09:04 AM IST | Updated: Oct 28, 2026, 09:07 AM IST
Image Credit: (AI) WTI क्रूड आज 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड करता देखा गया.
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मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम ने एक बार फिर से तेजी पकड़ ली है. सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी सऊदी अरामको पर मिसाइल हमले के दावे के बाद ग्लोबल एनर्जी मार्केट में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसके बाद ब्रेंट क्रूड एक दिन की गिरावट के बाद फिर से 115 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया है. बुधवार सुबह इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम में फिर से बड़ी बढ़ोतरी देखी गई. ब्रेंट क्रूड 1.22 डॉलर चढ़कर 115.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं WTI क्रूड भी 100.90 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता देखा गया.

क्रूड ऑयल के दाम में आए उछाल का कारण यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की तरफ से यह दावा किया जाना रहा कि उन्होंने सऊदी की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर मिसाइल दागी है. रिफाइनरी की रोजाना की कैपेसिटी 5.5 लाख बैरल की है. हमले का दावा किये जाने के दावे ने मिडिल ईस्ट से तेल सप्लाई रुकने की आशंका को फिर से हवा दे दी है. एक तरफ तेल बाजार में तनाव के चलते तेजी देखी जा रही है, दूसरा अमेरिका में क्रूड स्टॉक बढ़ने की उम्मीद है. इसके अलावा OPEC+ ग्रुप मेंबर्स आगामी मीटिंग में अपने दिसंबर के प्रोडक्शन टारगेट को बनाए रख सकते हैं. ज्यादातर सदस्य देश अपने तय टारगेट से कम प्रोडक्शन कर रहे हैं.

रूस में डीजल प्रोडक्शन बढ़ाने की तैयारी

बाजार से जुड़े जानकारों के अनुसार आने वाले महीने में रूस के बाल्टिक और काला सागर पोर्ट से क्रूड ऑयल का शिपमेंट कम हो सकता है. रूस की रिफाइनरियां डीजल प्रोडक्शन बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं. इन कारणों से ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल अस्थिर बनी हुई हैं. गौरतलब है कि सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने रूस से कच्चे तेल की खरीद को कम कर दिया है. नवंबर के महीने में इसमें और गिरावट आने की उम्मीद है.

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आयात घटकर 18 लाख बैरल प्रतिदिन का रहा

सितंबर में भारतीय आयातकों ने मिडिल ईस्ट से रोजाना 28 लाख बैरल तेल का आयात किया. रूस से होने वाला यह आयात घटकर 18 लाख बैरल का रह गया. अगले महीने तेल के आयात में और गिरावट आने की उम्मीद है. रूसी तेल पर अमेरिका की तरफ से बैन हटाए जाने के बाद रशिया की तरफ से दिया जाने वाला डिस्काउंट खत्म हो गय है और शिपिंग कॉस्ट बढ़ रही है. ऐसे में देश की तेल कंपनियां रूसी तेल से दूरी बना रही हैं.

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About the Author

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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