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Binance Hack: 60 हजार करोड़ की क्रिप्टो चोरी! दुनिया में मचा हड़कंप, नॉर्थ कोरिया से क्या है कनेक्शन?

दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस पर साइबर हमले में करीब 6.3 अरब डॉलर की क्रिप्टो संपत्ति प्रभावित हुई है. इसके पीछे नॉर्थ कोरियाई हैकर्स का हाथ होने का शक है.

Written By Gaurav Singh
Published: Oct 30, 2026, 10:55 PM IST | Updated: Oct 30, 2026, 11:10 PM IST
Image Credit: इस हैंकिंग के जरिए 6.3 अबर डॉलर यानी करीब 60,000 करोड़ रुपये के गायब होने की खबर है । AI
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Binance Hack: दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर अब तक का सबसे बड़ा साइबर हमला हुआ है. इस बार ये शिकार दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज, 'बाइनेंस' (Binance) बना है. इस सेंधमारी में नॉर्थ कोरिया के हैकर्स का नाम सामने आ रहा है. एक्सचेंज ने अपने प्लेटफॉर्म पर सभी डिपॉजिट और विड्रॉल (पैसे निकालना) को रोक दिया था. इस हैक में करीब 60 हजार करोड़ रुपये की सेंधमारी हुई है.

लेकिन, ताजा अपडेट में बाइनेंस ने पुष्टि की है कि यूजर्स के लिए डिपॉजिट की सर्विस फिर से शुरू हो गई है. कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'X' पर कहा, 'डिपॉजिट पर कोई असर नहीं पड़ा है और वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. हालांकि, विड्रॉल की सुविधा अभी भी बंद है. बाइनेंस ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि 48 घंटों के भीतर (विड्रॉल) फिर से शुरू हो जाएगा. क्रिप्टो एक्सचेंज ने बताया कि वे एक कर्मचारी के लैपटॉप के जरिए हुए इस हमले के 'पूरे रास्ते' (अटैक पाथ) का पता लगा रहे हैं.

 

नुकसान की भरपाई बाइनेंस खुद करेगी

अभी जांच शुरुआती चरण में है. लेकिन बाइनेंस का कहना है कि हैक से 6.3 अरब डॉलर की संपत्ति प्रभावित हो सकती है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस घटना से जुड़े सभी नुकसानों की भरपाई वो खुद करेगी. ये सेंध अब तक की सबसे बड़ी साइबर घटना हो सकती है, जो 2025 में बायबिट (Bybit) से हैकरों द्वारा चुराए गए लगभग 1.5 अरब डॉलर के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकती है.

लेकिन, इस सेंध के पीछे क्या कारण था और बाइनेंस को अब तक क्या पता चला है?

1. बाइनेंस से जुड़ा हैक क्या है?

बाइनेंस के अनुसार, ऐसा लगता है कि हैकर्स ने अनधिकृत (बिना अनुमति के) ट्रांजेक्शन करने के लिए इसके सर्वर तक पहुंच बना ली थी. X पर एक अपडेट में इस क्रिप्टो एक्सचेंज ने बताया कि प्रभावित एसेट्स (संपत्तियों) की कीमत 6.3 बिलियन डॉलर है. अब तक, बाइनेंस इनमें से लगभग आधी संपत्तियों को फ्रीज (रोक) करने में कामयाब रहा है. कंपनी ने बताया, 'हमने प्रभावित एसेट्स को फ्रीज करने के लिए अपने ब्लॉकचेन पार्टनर्स के साथ मिलकर काम किया है और अब तक लगभग 3 बिलियन डॉलर की एसेट्स को ऑन-चेन फ्रीज कर दिया गया है.'

जब इस सेंधमारी की खबरें सामने आईं, तो बाइनेंस के पूर्व CEO चांगपेंग झाओ (जिन्हें CZ के नाम से जाना जाता है) ने X पर लिखा, 'यह वाकई एक हैक जैसा लग रहा है.' इससे पहले उन्होंने ग्राहकों से कहा था कि उनके 'फंड सुरक्षित हैं!' झाओ ने 2017 में बाइनेंस की स्थापना की थी और वे अभी भी एक प्रमुख शेयर होल्डर हैं.

2. इससे कौन-कौन प्रभावित हुआ है?

हालांकि, बाइनेंस का कहना है कि 6.3 बिलियन डॉलर तक की एसेट्स खतरे में हो सकती है, लेकिन फिलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि कितने यूजर्स प्रभावित हुए हैं. कंपनी का अमेरिकी डिवीजन, 'बाइनेंस US' इससे प्रभावित नहीं हुआ है. कहा जाता है कि बाइनेंस के दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में 300 मिलियन से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स हैं. प्रभावित यूजर्स की सही संख्या जानने के लिए हमें कंपनी की ओर से और जानकारी मिलने का इंतजार करना होगा. भारत में बाइनेंस यूजर्स की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़े मौजूद नहीं हैं.

ये सेंधमारी कैसे हुई?

X पर एक अपडेट में बाइनेंस ने बताया कि ये सेंधमारी कंपनी के एक डेवलपर के लैपटॉप से ​​जुड़ी है. कंपनी ने लिखा, 'इस घटना में एक डेवऑप्स (DevOps) इंजीनियर का लैपटॉप शामिल हो सकता है, जो हैकर्स के हाथ लग गया था.' 

बाइनेंस ने बताया कि इससे हैकर्स को 'एक सर्विस कंटेनर तक एक्सेस मिल गई होगी. इससे उन्होंने बिना अनुमति के विड्रॉल (पैसे निकालने) के ट्रांजेक्शन किए.'

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कंपनी का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि हैकर्स किसी यूजर के क्रिप्टो वॉलेट तक पहुंच पाए हों. कंपनी ने कहा, 'हमें किसी भी वॉलेट की प्राइवेट की (private key) लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला है.' बाइनेंस ने पुष्टि की है कि जांच पूरी होने के बाद वे और अधिक जानकारी साझा करेंगे.

कंपनी ने कहा, 'हम इस समस्या को सुलझाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. बाइनेंस सभी नुकसानों की भरपाई करेगा. बाइनेंस अपने 'सिक्योर एसेट फंड फॉर यूजर्स' (SAFU) और कंपनी के फंड के जरिए इन नुकसानों की भरपाई करेगा. ये इमरजेंसी रिजर्व फंड 2018 में बनाया गया था, ताकि मुश्किल हालात में ग्राहकों को सिक्योरिटी मिल सके. आमतौर पर इसमें लगभग 1 बिलियन डॉलर की राशि रखी जाती है. बाइनेंस ने कहा कि सुरक्षा संबंधी सुधार पूरे होने के बाद वो अपना अपडेटेड 'प्रूफ ऑफ रिजर्व' जारी करेगा.

क्रिप्टोकरेंसी जारी करने वाली कंपनियों ने एसेट्स फ्रीज किए

बाइनेंस में हुई इस सेंध ने पूरी क्रिप्टोकरेंसी दुनिया में चिंता पैदा कर दी है. क्रिप्टोकरेंसी 'टेथर' (Tether) के CEO पाओलो अर्दोइनो ने बताया कि कंपनी ने बाइनेंस एक्सचेंज हैक की आशंका से जुड़ी लगभग 1.55 बिलियन से 1.6 बिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी को फ्रीज कर दिया है. उन्होंने कहा, 'इस इंडस्ट्री और अपने पार्टनर्स की सुरक्षा करना हमारी मुख्य प्राथमिकता है.'

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About the Author

जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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