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Binance Hack: दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर अब तक का सबसे बड़ा साइबर हमला हुआ है. इस बार ये शिकार दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज, 'बाइनेंस' (Binance) बना है. इस सेंधमारी में नॉर्थ कोरिया के हैकर्स का नाम सामने आ रहा है. एक्सचेंज ने अपने प्लेटफॉर्म पर सभी डिपॉजिट और विड्रॉल (पैसे निकालना) को रोक दिया था. इस हैक में करीब 60 हजार करोड़ रुपये की सेंधमारी हुई है.
लेकिन, ताजा अपडेट में बाइनेंस ने पुष्टि की है कि यूजर्स के लिए डिपॉजिट की सर्विस फिर से शुरू हो गई है. कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'X' पर कहा, 'डिपॉजिट पर कोई असर नहीं पड़ा है और वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. हालांकि, विड्रॉल की सुविधा अभी भी बंद है. बाइनेंस ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि 48 घंटों के भीतर (विड्रॉल) फिर से शुरू हो जाएगा. क्रिप्टो एक्सचेंज ने बताया कि वे एक कर्मचारी के लैपटॉप के जरिए हुए इस हमले के 'पूरे रास्ते' (अटैक पाथ) का पता लगा रहे हैं.
Service Update Deposits remain unaffected and continue to operate as normal. Withdrawals remain paused while our team completes a security revamp of the withdrawal service and its related addresses. We expect to resume within 48 hours, and will update with further details. The incident stems from multiple factors. Our security team is tracing the full attack path through the compromised computer which may be the entry point of the incident. A comprehensive report with the root cause will follow. We will continue to share updates through official Binance channels.
— Binance (@binance) October 30, 2026
अभी जांच शुरुआती चरण में है. लेकिन बाइनेंस का कहना है कि हैक से 6.3 अरब डॉलर की संपत्ति प्रभावित हो सकती है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस घटना से जुड़े सभी नुकसानों की भरपाई वो खुद करेगी. ये सेंध अब तक की सबसे बड़ी साइबर घटना हो सकती है, जो 2025 में बायबिट (Bybit) से हैकरों द्वारा चुराए गए लगभग 1.5 अरब डॉलर के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकती है.
लेकिन, इस सेंध के पीछे क्या कारण था और बाइनेंस को अब तक क्या पता चला है?
बाइनेंस के अनुसार, ऐसा लगता है कि हैकर्स ने अनधिकृत (बिना अनुमति के) ट्रांजेक्शन करने के लिए इसके सर्वर तक पहुंच बना ली थी. X पर एक अपडेट में इस क्रिप्टो एक्सचेंज ने बताया कि प्रभावित एसेट्स (संपत्तियों) की कीमत 6.3 बिलियन डॉलर है. अब तक, बाइनेंस इनमें से लगभग आधी संपत्तियों को फ्रीज (रोक) करने में कामयाब रहा है. कंपनी ने बताया, 'हमने प्रभावित एसेट्स को फ्रीज करने के लिए अपने ब्लॉकचेन पार्टनर्स के साथ मिलकर काम किया है और अब तक लगभग 3 बिलियन डॉलर की एसेट्स को ऑन-चेन फ्रीज कर दिया गया है.'
जब इस सेंधमारी की खबरें सामने आईं, तो बाइनेंस के पूर्व CEO चांगपेंग झाओ (जिन्हें CZ के नाम से जाना जाता है) ने X पर लिखा, 'यह वाकई एक हैक जैसा लग रहा है.' इससे पहले उन्होंने ग्राहकों से कहा था कि उनके 'फंड सुरक्षित हैं!' झाओ ने 2017 में बाइनेंस की स्थापना की थी और वे अभी भी एक प्रमुख शेयर होल्डर हैं.
हालांकि, बाइनेंस का कहना है कि 6.3 बिलियन डॉलर तक की एसेट्स खतरे में हो सकती है, लेकिन फिलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि कितने यूजर्स प्रभावित हुए हैं. कंपनी का अमेरिकी डिवीजन, 'बाइनेंस US' इससे प्रभावित नहीं हुआ है. कहा जाता है कि बाइनेंस के दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में 300 मिलियन से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स हैं. प्रभावित यूजर्स की सही संख्या जानने के लिए हमें कंपनी की ओर से और जानकारी मिलने का इंतजार करना होगा. भारत में बाइनेंस यूजर्स की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़े मौजूद नहीं हैं.
X पर एक अपडेट में बाइनेंस ने बताया कि ये सेंधमारी कंपनी के एक डेवलपर के लैपटॉप से जुड़ी है. कंपनी ने लिखा, 'इस घटना में एक डेवऑप्स (DevOps) इंजीनियर का लैपटॉप शामिल हो सकता है, जो हैकर्स के हाथ लग गया था.'
बाइनेंस ने बताया कि इससे हैकर्स को 'एक सर्विस कंटेनर तक एक्सेस मिल गई होगी. इससे उन्होंने बिना अनुमति के विड्रॉल (पैसे निकालने) के ट्रांजेक्शन किए.'
Binance's initial investigation suggests that the security incident may involve a compromised DevOps engineer’s laptop, which allowed an attacker to gain access to a service container and submit unauthorized withdrawal transactions. We have found no evidence of any wallet private key leak. We will share a detailed technical post-mortem once the investigation is complete and the facts are fully verified. The estimated total impact sits at around $6.3B. We have worked with blockchain partners to freeze affected assets, with ~$3 billion frozen on-chain so far. Binance will cover all losses from the SAFU fund and the company’s funds. User funds are safe. We will also publish an updated Proof of Reserves once the remediation is complete. As an immediate precaution, Binance has: - temporarily suspended deposits and withdrawals while security checks are completed; - revoked the affected address authorisation; - engaged law enforcement and blockchain intelligence partners to trace and recover funds. Our teams are working around the clock to resolve this issue safely and thoroughly. We are working closely with our law enforcement partners to confirm the identity of these criminals and bring them to justice. Please rely only on official Binance channels for updates. Please feel free to contact Binance Customer Support if you have any further questions. https://t.co/ywB2mKFy0p
— Binance (@binance) October 30, 2026
कंपनी का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि हैकर्स किसी यूजर के क्रिप्टो वॉलेट तक पहुंच पाए हों. कंपनी ने कहा, 'हमें किसी भी वॉलेट की प्राइवेट की (private key) लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला है.' बाइनेंस ने पुष्टि की है कि जांच पूरी होने के बाद वे और अधिक जानकारी साझा करेंगे.
कंपनी ने कहा, 'हम इस समस्या को सुलझाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. बाइनेंस सभी नुकसानों की भरपाई करेगा. बाइनेंस अपने 'सिक्योर एसेट फंड फॉर यूजर्स' (SAFU) और कंपनी के फंड के जरिए इन नुकसानों की भरपाई करेगा. ये इमरजेंसी रिजर्व फंड 2018 में बनाया गया था, ताकि मुश्किल हालात में ग्राहकों को सिक्योरिटी मिल सके. आमतौर पर इसमें लगभग 1 बिलियन डॉलर की राशि रखी जाती है. बाइनेंस ने कहा कि सुरक्षा संबंधी सुधार पूरे होने के बाद वो अपना अपडेटेड 'प्रूफ ऑफ रिजर्व' जारी करेगा.
बाइनेंस में हुई इस सेंध ने पूरी क्रिप्टोकरेंसी दुनिया में चिंता पैदा कर दी है. क्रिप्टोकरेंसी 'टेथर' (Tether) के CEO पाओलो अर्दोइनो ने बताया कि कंपनी ने बाइनेंस एक्सचेंज हैक की आशंका से जुड़ी लगभग 1.55 बिलियन से 1.6 बिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी को फ्रीज कर दिया है. उन्होंने कहा, 'इस इंडस्ट्री और अपने पार्टनर्स की सुरक्षा करना हमारी मुख्य प्राथमिकता है.'