सासाराम कोर्ट का दो बड़ा फैसला: चचेरी बहन से रेप में भाई को 20 साल की सजा, पत्नी को गोली मारने वाले पति को उम्रकैद
सासाराम कोर्ट नाबालिग चचेरी बहन से दुष्कर्म के दोषी भाई को 20 साल की सजा सुनाई है. बताया जा रहा है कि दोषी भाई की चचेरी बहन गर्भवती हो गई थी. वहीं, कोर्ट ने दूसरे मामले में पत्नी की हत्या करने वाले दोषी पति को उम्रकैद सजा दी है.
बिहार के रोहतास के सासाराम कोर्ट ने दो बहुत बड़े फैसले 30 अक्टूबर शुक्रवार को सुनाया. भाई बहन के पवित्र रिश्तों का कत्ल करने वाले युवक को 20 साल की सजा दी. चचेरी बहन से 6 बार रेप और गर्भवती करने वाले भाई को कोर्ट ने मामले में दोषी पाया. इसके बाद 20 साल की कैद सुनाई. वहीं, दूसरे फैसले में कोर्ट ने पत्नी की गोली मारकर हत्या के मामले में दोषी पति पंकज सिंह को उम्रकैद की सजा दी. चलिए दोनों घटना और फैसले को जानते हैं.
चचेरी बहन से 6 बार रेप और गर्भवती करने वाले भाई को 20 साल की सजा
सासाराम कोर्ट ने अपनी ही चचेरी बहन के साथ रेप के दोषी भाई को 20 साल की सजा सुनाई है. साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. बताया जा रहा है कि तिलौथू थाना क्षेत्र के एक गांव में दो साल पहले एक 14 वर्षीय लड़की अपने चाचा के घर खाना बनाने जाती थी, जिसका फायदा उठाकर चाचा का लड़का यानी अपना ही चचेरा भाई भरत कुमार ने छह बार लड़की के साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद लड़की गर्भवती हो गई. इसके बाद मामले में तिलौथू थाना में केस दर्ज किया गया.
बड़ी बात है कि इस मामले में छह गवाह पेश किए गए, लेकिन किसी गवाह ने लड़की का साथ नहीं दिया. यहां तक कि लड़की के माता-पिता और भाभी ने भी लड़की के पक्ष में गवाही नहीं दी. इसके बावजूद 14 साल की पीड़ित लड़की ने खुद कोर्ट में अपनी बात को बड़े ही मजबूती से रखा. वहीं, पुलिस और स्वास्थ्य जांच करने वाले डॉक्टर लड़की के साथ पूरी हिम्मत से खड़े रहे एवं लड़की की काफी मदद की, जिस कारण आज पीड़ित बच्ची को न्याय मिल सका.
बता दें कि कोर्ट ने पीड़ित लड़की को तीन लाख रुपए मुआवजा देने का भी आदेश दिया है. वहीं, आरोपी भरत कुमार पर दोष साबित होने पर उसे 20 साल की सजा सुनाई गई. साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है.
पत्नी की गोली मारकर हत्या के मामले में दोषी पति को उम्रकैद की सजा
सासाराम कोर्ट ने अपनी ही पत्नी की गोली मारकर हत्या के मामले में दोषी पति पंकज सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है. एडीजे-14 की कोर्ट ने 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. बताया जाता है कि 18 फरवरी 2022 को नौहट्टा थाना क्षेत्र के टीपा गांव में जब पत्नी ज्योति सिंह फोन पर किसी से बात कर रही थी, तो इसी बात से नाराज होकर उसके पति पंकज सिंह ने शक के आधार पर अपनी पत्नी के सिर में गोली मार दी थी. जिससे उसकी मौत हो गई थी.
अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी चंद्र विकास ने बताया कि इस मामले में हत्यारे के पिता राजेश्वर सिंह ने ही पुलिस को सूचना दी थी. उन्होंने अपने पुत्र के खिलाफ नौहट्टा थाने में केस दर्ज कराई थी. इसके बाद पुलिस ने पंकज सिंह को देसी कट्टा और खोखा के साथ गिरफ्तार कर लिया था.
बता दें कि साल 2020 में ही झारखंड के जपला की रहने वाली ज्योति की शादी पंकज से हुई थी. दोनों की एक बेटी भी है. अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में कुल 10 गवाहों की गवाही कराई गई. हत्या और शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए एडीजे-14 प्रहलाद कुमार की कोर्ट ने यह सजा सुनाई. अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी चंद्र विकास ने बताया कि यह हत्या अवैध देसी कट्टा से की गई थी.
रिपोर्ट: अमरजीत यादव
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