कद 42 इंच, पर हौसला बुलंद: बेगूसराय के प्रोफेसर गौतम ने वोट डालकर पेश की लोकतंत्र की मिसाल, जज्बे को लोग कर रहे सलाम
बिहार विधान परिषद का चुनाव 23 अक्टूबर को समाप्त हो गया. वोटिंग के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जिसने सबका ध्यान खींचा. दरअसल, बेगूसराय में 42 इंच के प्रोफेसर गौतम कुमार ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और कहा कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है वह वोट करें.
लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें हर नागरिक की आवाज और उसके वोट की कीमत बराबर होती है. इस बात की एक बहुत ही खूबसूरत और प्रेरणादायक तस्वीर बेगूसराय से सामने आई है, जहां दरभंगा स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के दौरान एक अनूठा नजारा देखने को मिला. यहां करीब 42 इंच के प्रोफेसर गौतम कुमार जब अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे, तो वहां मौजूद हर शख्स का ध्यान उनकी ओर खींच गया.
दरअसल, स्थानीय दिनकर कला भवन स्थित पोलिंग बूथ पर जब टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल प्रोफेसर गौतम कुमार अपना वोट डालकर बाहर निकले, तो लोगों ने उनका वीडियो बना लिया. देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग उनके इस जज्बे की दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं.
शिक्षा और शिक्षकों के हक के लिए डाला वोट
वोट डालने के बाद प्रोफेसर गौतम कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके लिए यह सिर्फ एक उंगली पर स्याही लगवाने की रस्म नहीं थी, बल्कि अपनी जिम्मेदारी निभाने का मौका था. उन्होंने कहा कि आज शिक्षा का ढांचा तेजी से बदल रहा है. ऐसे में विधान परिषद में हमें ऐसे प्रतिनिधि की जरूरत है, जो शिक्षकों की जमीनी समस्याओं को समझे, शैक्षणिक प्रशासन में सुधार लाए और हमारी आवाज को मजबूती से सदन में उठा सके. इसी सोच के साथ मैंने आज अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है.
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 90 फीसदी से ज्यादा वोटिंग
दरभंगा स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए बेगूसराय जिले में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. जिले में 29 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां कुल 29,205 रजिस्टर्ड वोटर थे. यहां लगभग 55 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. इसके लिए 20 पोलिंग बूथ तय किए गए थे, जहां 2,047 वोटर्स में से 90 प्रतिशत से भी अधिक शिक्षकों ने लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लिया.
अब नतीजों का इंतजार
मतदान खत्म होने के बाद अब सभी की नजरें मतगणना और आने वाले नतीजों पर टिक गई हैं. देखना दिलचस्प होगा कि स्नातकों और शिक्षकों ने किस प्रत्याशी पर अपना भरोसा जताया है, लेकिन इन सब राजनीतिक उलटफेर के बीच बेगूसराय के प्रोफेसर गौतम कुमार की यह तस्वीर हर किसी को यह याद दिलाती है कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, एक जागरूक नागरिक के तौर पर वोट देना हम सबकी जिम्मेदारी है.
रिपोर्ट: जितेन्द्र कुमार चौधरी