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विपक्ष के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी की ओर से 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा की तैयारी तेज हो गई है. इसी कार्यक्रम के तहत 2 नवंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के भागलपुर पहुंचने का संभावित कार्यक्रम है. उनके आगमन को लेकर पार्टी संगठन और एनडीए के नेता तैयारियों में जुट गए हैं. कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए नगर विकास मंत्री सह भागलपुर के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा भागलपुर पहुंचे. यहां मेयर वसुंधरा लाल, बीजेपी जिलाध्यक्ष संतोष साह समेत एनडीए के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, नितिन नवीन भागलपुर में करीब एक किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे.
वहीं, तैयारियों को लेकर मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर भ्रम की स्थिति पैदा करने का आरोप लगा रही है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के खिलाफ जनजागरूकता के उद्देश्य से यह पदयात्रा आयोजित की जा रही है. मंत्री ने विपक्ष की ओर से 'रिजीम चेंज' और बांग्लादेश के रास्ते पर चलने जैसी बातों का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए बीजेपी यह कार्यक्रम कर रही है. फिलहाल, 2 नवंबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के संभावित दौरे को लेकर भागलपुर में तैयारियां शुरू हो गई हैं. अब सबकी नजरें इस कार्यक्रम पर टिकी है.
एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसा है. वहीं, एनडीए के नेता भी इंडिया गठबंधन पर लगातार हमलावर हैं. इसी कड़ी में बिहार सरकार के नगर विकास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा भागलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने चुनाव परिणाम और विपक्ष की ओर से वोट चोरी के लगाए जा रहे आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी.
मंत्री ने एसआईआर प्रक्रिया का जिक्र करते हुए विपक्ष के दावों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बिहार में एसआईआर के बाद विपक्ष ने भी अपने-अपने बीएलए तैयार किए थे, ताकि अगर किसी वास्तविक मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से कटा हो, तो उसकी जानकारी दी जा सके. मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि ऐसा कोई नाम सामने नहीं आया. मंत्री ने सवाल किया कि जब किसी नेता ने भी सामने आकर अपना वोट कटने की बात नहीं कही, तो आखिर वोट चोरी किसकी हुई और किसका वोट कटा?
नीतीश मिश्रा ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ लोगों को दिग्भ्रमित करने और संदेह पैदा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हो या विपक्ष के दूसरे दल, उनके पास कोई मुद्दा नहीं है और उनकी लोकप्रियता लगातार कम होती जा रही है. मंत्री ने केरल और तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी एनडीए की सरकार नहीं बनी, लेकिन विपक्ष को कोई समस्या नहीं हुई.
उन्होंने आरोप लगाया कि जब चुनाव परिणाम विपक्ष के पक्ष में आता है, तो सब कुछ सही रहता है, लेकिन जब नतीजे खिलाफ आते हैं, तो वोट चोरी का आरोप लगाया जाने लगता है. नीतीश मिश्रा ने यह भी कहा कि इसी ईवीएम के माध्यम से 2004 और 2009 में यूपीए की सरकार बनी थी. उन्होंने कहा कि जनता का समर्थन जिसके साथ होता है, सरकार उसी की बनती है.
रिपोर्ट: अश्वनी कुमार