'पुलिस ने नहीं बचाया, उल्टा पिस्टल तान दी', बेगूसराय में पुलिस को देखकर बूढ़ी गंडक में कूदा धर्मवीर... हुई मौत
बेगूसराय में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को देखकर धर्मवीर नदी में कूद गया, इस दौरान डूबने से उसकी मौत हो गई. वहीं, परिजनों का कहना है कि जब वो डूब रहा था, पुलिस ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की.
बेगूसराय में पुलिस की छापेमारी के दौरान एक युवक की नदी में डूबने से मौत हो गई. पुलिस को देखकर युवक भागने लगा और इसी दौरान उसने बूढ़ी गंडक नदी में छलांग लगा दी. युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को कटरमाला बांध के समीप मुख्य सड़क पर रखकर जमकर हंगामा किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. मृतक की पहचान डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर गांव निवासी धर्मवीर यादव उर्फ धारो यादव के रूप में हुई है. इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है. धर्मवीर की मौत से उनकी पत्नी और तीन छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है. हालांकि, पुलिस ने परिजनों के आरोपों की पुष्टि नहीं की है. मामले की जांच की जा रही है.
परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
दरअसल, पूरा मामला बेगूसराय जिले के डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर गांव का है, जहां रविवार की शाम बूढ़ी गंडक नदी में डूबने से करीब 30 से 32 वर्षीय धर्मवीर यादव उर्फ धारो यादव की मौत हो गई. परिजनों के अनुसार, धर्मवीर रविवार की शाम मवेशियों के लिए चारा लाने गए थे. इसी दौरान शाम करीब पांच बजे नदी के पास पुलिस पहुंची. पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. इसी दौरान धर्मवीर नदी में कूद गए और गहरे पानी में डूबने लगे. इस घटना को लेकर परिजनों का कहना है कि धर्मवीर जब नदी में डूब रहे थे, तब पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाने के लिए कोई प्रभावी प्रयास नहीं किया. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि नदी में डूब रहे धर्मवीर की ओर पुलिस ने पिस्टल तान दी और उन्हें जान से मारने की धमकी दी. हालांकि, पुलिस द्वारा पिस्टल तानने और युवक को बचाने का प्रयास नहीं करने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
शव को सड़क पर रख किया प्रदर्शन
धर्मवीर के नदी में डूबने की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर जुट गए. काफी खोजबीन के बाद ग्रामीणों और स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसका शव नदी से बाहर निकाला गया. आक्रोशित लोगों ने शव को कटरमाला बांध के समीप मुख्य सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. हंगामे की सूचना मिलने पर बलिया डीएसपी सुबोध कुमार, डंडारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार सहित विभिन्न थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया.
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धर्मवीर की मौत से टूटा परिवार
वहीं, इस पूरे मामले पर डंडारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि धर्मवीर यादव उर्फ धारो यादव के खिलाफ थाने में पहले से प्राथमिकी दर्ज थी. रविवार की शाम पुलिस गश्ती के दौरान वह पुलिस को देखकर भागने लगा और इसी दौरान बूढ़ी गंडक नदी में कूद गया. नदी में डूबने से उसकी मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है. धर्मवीर यादव किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे. उनकी शादी करीब सात वर्ष पहले हुई थी. परिवार में पत्नी के अलावा तीन छोटे बच्चे हैं, जिनमें डेढ़ वर्ष और तीन वर्ष की दो बेटियां और पांच वर्ष का एक बेटा शामिल है. धर्मवीर की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
रिपोर्ट: जितेंद्र चौधरी